बादल फटने के हादसे में व्यापक पैमाने पर बचाव अभियान शुरू न होने से होंजड़ गांव के लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों ने सरकार से उन्हें सुरक्षित जगह पर बसाने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि सड़क होती तो शायद मशीनों के जरिए लापता लोगों की तलाश की जा सकती थी।
होंजड़ गांव पहुंचने वाले नेताओं को वहां के लोगों का गुस्सा झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अभी तक जितनी भी सरकारें आईं, किसी ने भी हम लोगों के बारे में नहीं सोचा। सिर्फ चुनाव के दौरान हमारी याद आती है, उसके बाद सुध तक नहीं लेते। लोगों ने कहा कि पिछले 75 वर्षों से दच्छन का मार्ग नहीं बन पाया।
तीन-चार वर्षों में काम शुरू हुआ, लेकिन अभी तक सोंदर तक भी नहीं पहुंच पाए। लग रहा है कि शायद सड़क बनने में दो तीन दशक और लगेंगे। भाजपा के प्रदेश महासचिव एवं पूर्व मंत्री सुनील कुमार शर्मा और नेकां के नेता पूर्व मंत्री सजाद अहमद किचलू ने गांव का दौरा किया। इस दौरान मुस्लिम मोर्चा के सचिव तारिक कीन भी साथ थे।
हादसे में मारे गए लोगों को दफनाया गया
एनजीओ की तरफ से राहत सामग्री प्रभावितों में बांटी गई। हर घर में मातम छाया हुआ है। हादसे में मारे गए सात लोगों को सुुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है।
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होंजड़ गांव के लापता लोगों की सूची
1- साजा बेगम (60) पत्नी गुलाम मोहिदीन
2-खुर्शीद अहमद (31) पुत्र मो. इकबाल
3-फिदा हुसैन (26) पुत्र मो. रमजान
4- मो. शरीफ (40) पुत्र गुलाम रसूल
5-अलमीना तबस्सुम (22) पुत्री मो. इकबाल
6-माता बेगम (45) पत्नी लाला तांत्रे
7- गुलाम मोहम्मद (70)पुत्र रसूल
8-फजल हुसै (18) पुत्र रुस्तम अली चोपन
9-तारिक हुसैन (50)पुत्र नाजिर अहमद
10- जरीना बेगम (40) पत्नी तारिक हुसैन
11-माता बेगम (45) पत्नी गुलाम रसूल
12-फातिमा बेगम (556) पत्नी गुलाम अहमद
13-बशीर अहमद (45) पुत्र रुस्तम अली
14- बेगम (45) पतनी अब्दुल रहमान
15-शरीफा बेगम (38) पत्नी गुलाम मोहम्मद
16-शाकिर हुसैन (22) पुत्र गुलाम मोहम्मद
17-गुलाम अहमद (65) पत्र अब्दलु अजीज
18-जुबैदा बानो (25) पुत्री गुलाम अहमद
19-खालिद पुत्र हाजी गामी