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जम्मू-कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने कहा- पहले दो चरणों की तरह हवाई न हो बैक टू विलेज कार्यक्रम

Mon, 07 Sep 2020 04:26 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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बैक टू विलेज, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में बैक टू विलेज थ्री कार्यक्रम का शेड्यूल जारी होने के साथ ही इस कवायद के पहले दो चरणों में हुए कार्यों को लेकर निर्वाचित सरपंचों-पंचों के संगठन ऑल जम्मू-कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कांफ्रेंस के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि बैक टू विलेज थ्री कार्यक्रम का हम स्वागत तो करते हैं, लेकिन सरकार को इस बार ठोस नीति बनाकर पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं को हल करने की तरफ देना ध्यान चाहिए।

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उनका कहना है कि पहले दो चरणों का परिणाम जमीनी स्तर पर सिफर रहा है। बैक टू विलेज कवायद एक और दो में लोगों ने अफसरों के समक्ष जो भी समस्याएं रखीं उनका हल नहीं हुआ, और न ही हर पंचायत में तीन विकास कार्य करवाने का फैसला ही अमल में लाया गया। ऐसे में तीसरा चरण जोकि दो से 12 अक्तूबर तक होना है। उसे सरकार को चाहिए कि काफी ठोस नीति बनाकर ही करें।

सरकार ने राशि भी नहीं दी
शर्मा ने कहा कि पहले दो चरणों में तो हालत यह रही है कि सरपंचों-पंचों को अफसरों की आवभगत पर ही हर पंचायत में करीब पचास हजार रुपये की राशि खर्च हुई और यह राशि सरकार की तरफ से नहीं बल्कि सरपंचों-पंचों ने अपनी जेब से खर्च की।
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सरपंचों पंचों को विकास के लिए कोई राशि भी मुहैया नहीं करवाई जा रही। उनका मानदेय भी नाम मात्र का है। सरकार अगर पंचायत स्तर पर कुछ बेहतर करना चाहती हैै तो उसे कम से कम हर पंचायत को 30 लाख की राशि विकास के लिए बैक टू विलेज थ्री में मुहैया करवानी होगी। ऐसा न हुआ तो पहले दो चरणों की तरह यह पूरी कवायद हवा हवाई ही साबित होगी।

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