एनआईए की टीम शुक्रवार को तीन दशक से सक्रिय हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी मोहम्मद अमीन सरूरी उर्फ जहांगीर सरूरी के घर पहुंची और दो वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में उसकी पत्नी और बच्चों से पूछताछ की।
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जानकारी के अनुसार सरूरी 2018 में कमरुल जमन की हत्या में शामिल था। एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस के साथ टंगवाड़ी स्थित उसके घर पहुंची। हांलाकि, जहांगीर को पुलिस कई वर्षों से तलाश रही है। जिला मुख्यालय में परिहार भाइयों व आरएसएस नेता चंद्रकांत शर्मा की हत्या के पीछे भी उसका हाथ बताया जा रहा है।
यह भी पता चला है कि वह युवाओं को गुमराह कर आतंकी राह पर लाता है। सुरक्षा बलों को उसके बारे में कई बार सूचना मिली थी कि वह दच्छन, मढ़वा और वाड़वन इलाके में रहता है, कभी-कभी किश्तवाड़ भी आता है, लेकिन वह हाथ नहीं आया। पिछले तीन दशक के दौरान उसके खिलाफ कई मामले पुलिस थानों में दर्ज हैं।