नए जम्मू-कश्मीर में निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों के विस्तार के लिए 28 हजार 400 करोड़ रुपये की नई औद्योगिक विकास योजना का एलान किया गया है। साल 2037 तक चलने वाली इस योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक निवेश पर कई तरह के प्रोत्साहन मिलेंगे। पूंजीगत निवेश पर इनसेंटिव के अलावा ऋण पर ब्याज चुकाने में भी सरकार मदद करेगी।
रोजगार सृजन पर जोर
औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में नए निर्माण, कौशल विकास और सतत विकास पर जोर देने के साथ नए निवेश को आकर्षित करने और मौजूदा लोगों को पोषण देने के लिए नए परिवर्तन लाएगी। इससे जम्मू-कश्मीर प्रमुख औद्योगिक विकसित राज्यों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम होगा। इसके तहत लगभग साढ़े चार लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि उद्योग क्षेत्र से जुड़े लोगों को साथ लेकर योजना को लागू किया जाएगा। जम्मू और कश्मीर में कुछ क्षेत्रों तक ही औद्योगिक विकास सीमित रहा है। कश्मीर में रंगरेथ, लस्सीपोरा, कठुआ, सांबा और छोटे स्तर पर उधमपुर में उद्योगों का विकास हुआ है। लेकिन नई नीति युवाओं को छोटे उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे स्वरोजगार बढ़ेगा।
फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, आईटी समेत कई क्षेत्रों में बढ़ेंगे अवसर
फूड प्रोसिसिंग, हैंडलूम, सिल्क व ऊन प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट, हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल, वेलनेस, पर्यटन व हास्पिटलटी, मीडिया, आईटी, पशुपालन आदि में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।