जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के सिरग्वाड़ी में ओवरलोड मेटाडोर के अनियंत्रित होकर 500 फीट गहरी खाई में गिरने से चालक समेत 35 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 16 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। इसमें से 15 को सेना व एक निजी कंपनी के हेलीकाप्टर से लिफ्ट कर गवर्नमेंट मेडिकल कालेज जम्मू पहुंचाया गया। मिनी बस में कुल 52 लोग सवार थे। प्रशासन ने घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं।
सोमवार सुबह मेटाडोर (जेके17- 6787) केशवान से जिला मुख्यालय की ओर चली थी। सुबह करीब करीब साढ़े सात बजे जब मेटाडोर सिरग्वाड़ी इलाके में पहुंची तो ओवरलोड होने के कारण चालक इस पर नियंत्रण नहीं रख पाया। इससे वह अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। यात्रियों में चीख-पुकार के बीच वाहन के परखच्चे उड़ गए। घटना की सूचना पर आसपास के कई गांवों के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने बचाव कार्य शुरू करते हुए इसकी जानकारी प्रशासन को दी। इसके बाद कई एनजीओ सेवा भारती, रेड क्रॉस, अबाबील और तारिक मेमोरियल ट्रस्ट और सेना, पुलिस के लोग राहत बचाव के लिए मौके पर पहुंचे।
इसके बाद सभी ने मिलकर खाई में गिरे लोगों को सड़क तक पहुंचाना शुरू कर दिया। तब तक 21 यात्री मौके पर ही दम तोड़ चुके थे। जबकि 14 लोगों ने जिला अस्पताल में उपचार और ले जाते समय दम तोड़ दिया। इनमें से नौ ने तो बचाव दल के सामने अंतिम सांसें ली, जिनमें तीन मासूम थे। 16 घायलों में से 15 की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हेलीकाप्टरों से जीएमसी पहुंचाया गया। इसमें सेना के एमआई-17 से दो चक्करों में 12 तथा पवन हंस के हेलीकाप्टर से तीन घायल शामिल हैं। एक का स्थानीय अस्पताल में ही इलाज चल रहा है।
किश्तवाड़ में हुए सड़क हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। पीएम मोदी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। अमित शाह ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
27 की क्षमता वाली बस में 52 लोग थे सवार
जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर हुए हादसे के दौरान मिनी बस में 52 लोग सवार थे। इसकी क्षमता 27 सवारियों को बैठाने की थी। प्रशासन ने सभी शवों का भंडारकूट स्थित सैन्य कैंप में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया।
घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा: डीसी
डीसी अंग्रेज सिंह राणा ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतकों के परिजनों को रेडक्रॉस के माध्यम से दस-दस हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने चिकित्सकों से भी घायलों का हाल जाना।
मामला दर्ज, जांच करेंगे: एसएसपी
एसएसपी शक्ति कुमार पाठक ने भी इस हादसे पर दुख प्रकट करते हुए बताया कि इस हादसे का मामला दर्ज कर लिया गया है, इसकी हम पूरी तरह से जांच करेंगे।
झटका लगा और में नीचे गिर गया, बस ऊपर से निकल गई, घायल मुनीर की जुबानी
किश्तवाड़ हादसे में गंभीर रूप से घायल मुनीर अहमद ने बताया कि वह खिड़की के पास बैठा था। जोरदार झटका लगने के साथ में नीचे गिर गया और बस ऊपर से निकल गई। मुझे गिरने के कारण ज्यादा चोट नहीं लगी। कुछ दूरी तक सह चालक ही बस चला रहा था। जब हादसा हुए उस समय वाहन चालक राकेश कुमार ही चला रहा था। एक अन्य घायल रईस अहमद 7 बहनों में इकलौता भाई है। काफी देर तक उसे रेफर करते समय हेलीपेड पर ही रोका गया परंतु वहां पर किसी चिकित्सक के ना होने से लोगों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी दिखी। उसे पवन हंस के हेलीकाप्टर में जगह न मिल पाने के कारण ऐसा हुआ। इसके बाद उसे सेना का हेलीकाप्टर एमआई-17 से उपचार के लिए भेजा गया। मौसम खराब होने के कारण पवन हंस की हेलीकाप्टर दोबारा नहीं आ पाया।
सेना व निजी कंपनी के हेलीकाप्टर लगाए
घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए जिला प्रशासन ने सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के साथ निजी कंपनी पवन हंस के हेलीकॉप्टर की भी सेवा ली। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, एमआई-17 हेलीकाप्टर ने दो फेरे लगाए, जबकि पवन हंस के हेलीकॉप्टर ने एक फेरा लगाया।
राज्यपाल ने दुख जताया, मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख मिलेंगे
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किश्तवाड़ में हुए सड़क हादसे पर दुख जाहिर करते हुए कहा है कि इस तरह की घटनाओं की विस्तृत जांच होगी। ऐसी घटनाओं के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की अगली बैठक में कड़े फैसले लिए जाएंगे। राजभवन के एक प्रवक्ता के अनुसार, राज्यपाल ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। अपने शोक संदेश में राज्यपाल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।