जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में विश्वास बहाली और कश्मीरियों के घाव पर मरहम लगाने का उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वतंत्रता दिवस से ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पहले चरण में उन्होंने आतंकियों का शिकार बने राजनीतिक लोगों के परिवार वालों से मिलकर उनमें विश्वास बहाली की मुहिम शुरू की है। कार्यभार संभालने के साथ ही मनोज सिन्हा ने स्पष्ट किया था कि वे अवाम में विश्वास बहाली के लिए जल्द ही जन संवाद शुरू करेंगे।
उपराज्यपाल ने आतंकियों की गोली का शिकार बने अनंतनाग जिले के वेसू के सरपंच सज्जाद अहमद खांडे और बारामुला के राजनीतिक कार्यकर्ता शेख वसीम बारी के परिवार वालों को स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन बुलाया। उन्हें यहां आयोजित प्रीति भोज में शामिल किया।
इस दौरान उन्होंने उनके परिवार वालों से मुलाकात कर उनका कुशल क्षेम पूछा। उन्हें मानसिक तौर पर संबल प्रदान करने की कोशिश की। इसके माध्यम से आम लोगों के बीच यह संदेश देने का प्रयास है कि सरकार आम लोगों के साथ है।
इन दोनों परिवार के सदस्यों से अलग से मुलाकात कर भी उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। घबराने या भयभीत होने की जरूरत नहीं है। सरकार बिना किसी भेदभाव के हर किसी की बात सुनेगी। इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक प्रक्रिया की बहाली के लिए सांसद नजीर अहमद लावे से भी मुलाकात कर धरातल पर हालात का फीडबैक लिया।
जम्मू में भी शुरू होगा संवाद कार्यक्रम
बताते हैं कि कश्मीर के साथ ही जम्मू में भी उपराज्यपाल ने संवाद शुरू करने का कार्यक्रम तय किया है। हालांकि, अभी कार्यक्रम को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है, लेकिन उनके इसी सप्ताह जम्मू पहुंचने की संभावना है। यहां वह विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जानेंगे। राजनीतिक दल के नेताओं से भी विचार-विमर्श करेंगे। इसके साथ ही जल्द से जल्द राजनीतिक प्रक्रिया की बहाली की दिशा में प्रयास शुरू हो जाएगा।