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जम्मू-कश्मीर:बीडीसी चेयरमैन की हत्या पर बोले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, हत्यारों को बक्शा नहीं जाएगा

Thu, 24 Sep 2020 11:02 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : ani
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मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) के निर्दलीय चेयरमैन भूपेंद्र सिंह की हत्या के मामले में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि पीड़ित परिवार के प्रति मेरी गहरी सहानुभूति है और दिवंगत आत्मा को शांति की प्रार्थना करता हूं।
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उन्होंने लिखा कि जघन्य कृत्य भय फैलाने और शांति और प्रगति के वातावरण को समाप्त करने का एक प्रयास है। ऐसे हमलों का कोई औचित्य नहीं हो सकता है। समाज में हिंसा के अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और इस कायरतापूर्ण कृत्य में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 



आपको बता दें कि मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के खाग इलाके में आतंकियों ने ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) के निर्दलीय चेयरमैन भूपेंद्र सिंह की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी थी और फरार हो गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
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भूपेंद्र सिंह के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां व एक बेटा है। फिलहाल इनका परिवार जम्मू में रह रहा है। कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार ने अमर उजाला को बताया कि बुधवार की शाम लगभग 7.45 बजे बजे बीडीसी चेयरमैन भूपेंद्र बडगाम जिले के अपने पैतृक गांव दालवाश पहुंचे थे उसी समय उनके घर में ही छिपे आतंकियों ने उन पर गोलियां चला दीं, गोलियां लगते ही वह वहीं गिर पड़े और आतंकी भाग निकले।
 
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बताया जाता है कि गोलियां इतने नजदीक से मारी गई थीं कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आईजीपी ने बताया कि भूपेंद्र सिंह को बडगाम जिला पुलिस की ओर से 2 पीएसओ (पुलिस कर्मी) दिये गए थे। 

परंतु बडगाम से श्रीनगर के अलूची बाग स्थित अपने घर रवाना होने से पहले दोनों को जिला पुलिस लाइन में छोड़ दिया। इस बीच बिना पुलिस को जानकारी दिए वह अपने पैतृक गांव दालवाश चले गए जहां उनपर आतंकियों ने हमला कर दिया।

बौखला गए हैं आतंकी
घटना के तुरंत बाद यह अफवाह फैल गई कि भूपेंद्र सिंह भाजपा से संबद्ध थे परंतु भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि भूपेंद्र भाजपा से नहीं जुड़े थे, इस निर्मम हत्या की वह निंदा करते हैं। कश्मीर में हालात सामान्य होता देख आतंकी बौखलाए हुए हैं इसलिए वह ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से दूर रख कश्मीर में विकास की दौड़ पर ब्रेक लगाना चाहते हैं।

भाजपा सरपंच की पिछले माह हुई थी हत्या
 इससे पहले भी कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पंच और सरपंचों की आतंकी हत्य कर चुके हैं। इसी वर्ष पांच अगस्त को कुलगाम में आतंकियों ने भाजपा सरपंच सज्जाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जुलाई महीने में भाजपा के बांदीपोरा जिलाध्यक्ष और उनके दो परिजनों की हत्या कर दी गई थी। वहीं इस घटना के एक माह पूर्व आठ जून को अनंतनाग में कांग्रेस नेता और सरपंच अजय पंडिता की हत्या कर दी गई थी।
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