वर्ष 2019 में प्रदेश हाईकोर्ट कॉलेजियम ने भारती के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट में की थी। 15 दिसंबर 2020 में उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला था। हाईकोर्ट में 17 जजों की नियुक्ति की मंजूरी है, इसमें 13 स्थायी जज और चार अतिरिक्त जज होते हैं।
जम्मू-कश्मीर लद्दाख हाईकोर्ट के जजों की संख्या 12 होेने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सीनियर एडवोकेट राहुल भारती को बतौर हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। अब राष्ट्रपति के पास राहुल का नाम जाएगा। राहुल भारती को एडवोकेट कोटे से जज बनाया गया है। वर्ष 2019 में प्रदेश हाईकोर्ट कॉलेजियम ने भारती के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट में की थी। जिसको अब सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी है।
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न्यूनतम दस साल का अनुभव रखने वाले एडवोकेट को ही इस पद के लिए मान्य किया जाता है। जिसमें 45 से 55 वर्ष की आयु होना भी अनिवार्य है। हाईकोर्ट में 17 जजों की नियुक्ति की मंजूरी है, इसमें 13 स्थायी जज और चार अतिरिक्त जज होते हैं। मौजूदा समय में चीफ जस्टिस को मिलाकर हाईकोर्ट के पास 11 जज हैं।
चीफ जस्टिस पंकज मित्थल के अलावा अली मोहम्मद मागरे, धीरज सिंह ठाकुर, ताशी राबस्टन, संजीव कुमार, सिंधु शर्मा, रजनीश ओसवाल, विनोद चटर्जी कौल, संजय डार और जावेद इकबाल वानी मौजूद हैं। राहुल भारती बार काउंसिल ऑफ जम्मू-कश्मीर में वर्ष 1991 में पंजीकृत हुए थे। 15 दिसंबर 2020 में उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला था।