श्रीनगर के पुराने शहर में जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हल्की पत्थरबाजी की। इस बीच पुलिस की नई रणनीति देखने को मिली। श्रीनगर के पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित एतिहासिक जामिया मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारी निकले तो सही, लेकिन उनकी संख्या उतनी नहीं थी जितनी हर शुक्रवार को होती है।
प्रदर्शनकारियों ने दूर से ही आजादी के हक में नारेबाजी करते हुए सुरक्षा बलों पर कुछ देर तक पत्थरबाजी की, जिन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने एक दो आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान पत्रकारों और सुरक्षा बलों की संख्या पत्थरबाजों से ज्यादा रही। एक स्थानीय पत्रकार ने अपना नाम न जाहिर होने पर बताया कि मैं 15 वर्ष से पत्रकारिता में हूं और लगभग हर जुमे की नमाज के बाद होने वाले प्रदर्शन को कवर करने आता रहा हूं, लेकिन जो रूप यहां देखने को मिलता था आज उसका विपरीत दिखाई दिया है।
गौरतलब है कि पिछले जुमे को पुलिस ने एक नई रणनीति अपनाते हुए कुछ जवानों को बिना वर्दी के पत्थरबाजों के बीच रखा था और उन्होंने पत्थरबाजों के चार रिंग लीडर धर दबोचे थे। आज ऐसा लगा कि उसी रणनीति से पत्थरबाज घबराए दिखे और उस स्तर पर पत्थरबाजी देखने को नहीं मिली, जैसी पहले होती रही है।