दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों के दोबारा पंजीकरण मामले से जुड़ी अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को परिवहन विभाग से एक माह में जवाब मांगा है। इससे पहले इस मामले में हाईकोर्ट ने विभाग के आयुक्त सचिव और एआरटीओ कश्मीर को अवमानना मामले में नोटिस जारी किया था। यह नोटिस उस आदेश के बारे में था जिसे जून में जारी किया गया था।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस पंकज मित्थल और जस्टिस संजय धर वाली खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई की। कोर्ट में बताया गया कि 10 जून को जारी आदेश कोर्ट की अवमानना है, क्योंकि इससे पहले अप्रैल में कोर्ट ने आदेश दिया था कि किसी भी राज्य में पंजीकृत होने वाला वाहन देश में कहीं भी दोबारा पंजीकृत नहीं होना चाहिए। इस आदेश के बावजूद परिवहन विभाग ने नौ फीसदी टोकन टैक्स के प्रावधान को लेकर सर्कुलर जारी कर दिया, जबकि इन वाहनों का पहले से लाइफ टाइम टैक्स दिया जा चुका है।