136 लोगों का स्टेट सब्जेक्ट रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट ने राजस्व सटिव के मार्फत सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही रिटायर्ड जस्टिस एक्यू पार्रे की अध्यक्षता वाली स्टेट सब्जेक्ट इंक्वारी कमीशन की रिपोर्ट भी मांगी है।
जस्टिस ताशी राबस्तन ने एडिशनल एडवोकेट जनरल को निर्देश दिए कि इस मामले का पूरा रिकार्ड सुनवाई की अगली तारीख में पेश करें, जो सात सितंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। याचिकाकर्ता देव आनंद कालड़ा ने अपने वकीलों की जरिए दायर याचिका में राजस्व सचिव की ओर से 25 जून 2015 को जारी आदेश को चुनौती दी है।
जिसमें 136 लोगों का स्टेट सब्जेक्ट रद्द किया गया। आदेश से पहले याची को सुनवाई का मौका तक नहीं दिया। इस मामले में न तो सरकार ने सुनी और न ही कमीशन ने पूछा। स्टेट गजट में 23 जुलाई को जब आदेश प्रकाशित हुआ तो याचिकाकर्ता को इसका पता चला।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि आशाओं के विपरीत जब याचिकाकर्ता को पता चला कि उसका नाम गैर स्थायी निवासी की सूची में शामिल किया गया है तो उसे गहरा झटका लगा।
जांच में उनसे पूछताछ करनी चाहिए थी। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत को उक्त आदेश खारिज किया जाना चाहिए। वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने प्रतिवादी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।