सरकारी नौकरी में चयन होने पर अब अभ्यर्थी को पिछले पांच साल इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खाते, वाहन, 15 वर्ष की आयु के बाद की शिक्षा और ससुरालियों की जानकारी देनी होगी। बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्था से ऋण लिया है तो वो भी बताना होगा। अभ्यर्थी की ओर से दी गई इस जानकारी की पुलिस की सीआईडी विंग जांच करेगी, जिसके बाद ही नियुक्ति की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने सेवा नियमों में संशोधन का आदेश जारी किया है। इसका फैसला कुछ महीने पहले ही कर लिया गया था, लेकिन इसे लेकर आदेश अब जारी किया है। पिछले वर्ष मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाले एक पैनल ने इसकी सिफारिश की थी।
वेरिफिकेशन के लिए तैयार किए गए पैटर्न के तहत चयनित अभ्यर्थियों को अपने बारे में जानकारी देने के अलावा ससुराल सहित अपने परिवार के सदस्यों के साथ पिछले पांच वर्षों के दौरान उपयोग किए गए मोबाइल नंबर, पंजीकरण संख्या के बारे में जानकारी प्रदान करनी होगी।
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स्वामित्व या उपयोग किए गए वाहन, ई-मेल और सोशल मीडिया या वेब-आधारित पोर्टल खातों के अलावा, बैंक और डाकघर खाता संख्या की जानकारी भी देनी होगी। इन तमाम जानकारियों को संबंधित विभाग एक बंद सील लिफाफे में सीआईडी मुख्यालय में भेजेंगे। इसके बाद सीआईडी अभ्यर्थी के चरित्र और उसके जीवन का वेरिफिकेशन करेगा।
वेरिफिकेशन करने के बाद एक महीने में संबंधित विभाग को सीआईडी इसकी जानकारी देगा। यदि जांच में कुछ और समय लगता है तो एक महीने का और वक्त सीआईडी ले सकती है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि सीआईडी की रिपोर्ट में उम्मीदवार खरा नहीं उतरता और उसे संबंधित प्रशासन की स्क्रीनिंग कमेटी सही ठहराती है तो नियुक्ति स्वत: ही रद्द कर दी जाएगी। लिहाजा कोई भी उम्मीदवार किसी तरह की जानकारी गलत न दे।