सैन्य अधिकारी ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर कि आतंकवादी कुपवाड़ा जिले के चंजी मोहल्ला, हंदवाड़ा में एक घर में लोगों को बंधक बना रहे हैं, सेना और जेके पुलिस द्वारा एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था।
सेना के पांच और जेके पुलिस के एक जवान ने फंसे लोगों को निकालने के लिए उस घर में प्रवेश किया। सेना और पुलिस की टीम ने सफलतापूर्वक लोगों को निकाल लिया। हालांकि इस दौरान टीम को आतंकवादियों ने निशाना बनाया।
इस मुठभेड़ में दो आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया। वहीं टीम के दो सेना अधिकारी, दो सेना के जवान और एक जेके पुलिस के सब इंस्पेक्टर शहीद हो गए। उधर, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान सीओ 21-आरआर कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर अनुज सूद, पुलिस सब इंस्पेक्टर शकील काजी, एक लांस नायक और एक राइफलमैन सहित पांच जवान शहीद हो गए हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई में अनुकरणीय साहस दिखाया और देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। हम उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे। भारत इन बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
यह तीसरी बार है कि आतंकी और सुरक्षाबल आमने-सामने हुए हैं। इलाके में शुक्रवार से सुरक्षाबलों द्वारा करीब 20 घंटे से तलाशी अभियान चलाया जा रहा था, क्योंकि उन्हें सूचना मिली थी कि लश्कर का उत्तरी कश्मीर का कमांडर हैदर अपने एक ग्रुप के साथ पाकिस्तान से घुसपैठ कर आने वाले नए ग्रुप को रिसीव करने जा रहा है।
इसके आधार पर हंदवाड़ा के रजवाड़ा वडरबाला जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों को शुक्रवार दोपहर को सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), 9 पैरा, 92 बटालियन सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवानों ने इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
सूत्रों के अनुसार जैसे ही टीम उस जगह पहुंची जहां आतंकी मौजूद थे, तो वहां छिपे आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि कुछ देर तक मुठभेड़ चलने के बाद आतंकी जंगल क्षेत्र की ओर भाग खड़े हुए।
इसके बाद एक बार फिर से उन्हें ढूंढने के लिए शनिवार को तलाशी अभियान चलाया गया। शाम को फिर से आतंकियों के साथ जवानों का आमना-सामना हुआ।