विधानसभा भंग होने के बाद भी नए विधायकों को पचास हजार पेंशन और दस हजार रुपये भत्ते के रूप में मिलेगा। इसके अलावा मेडिकल अलाउंस पांच हजार की जगह दस हजार रुपये कर दिया गया है।
पहली बार विधायक बनने वालों को अब हर महीने 60 हजार रुपये प्रति माह पेंशन के तौैर पर मिलेंगे। पुराने विधायक उनसे अधिक पेंशन पाने के हकदार हैं।
विधानसभा में विधायकों का वेतन बढ़ाने के लिए फरवरी 2018 में पेश किए गए प्रस्ताव पर सरकार ने मंजूरी दे दी है। राज्य में सरकार के फरवरी के प्रस्ताव को अप्रैल महीने में मंजूरी के बाद विधायकों को विधानसभा भंग होने के बाद भी आर्थिक तंगी से नहीं गुजरना पड़ेगा।
गौरतलब है राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 21 नवंबर को जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग कर दी थी। इसके बाद भी पहली बार विधायक बनने वाले पेंशन पाने के हकदार होंगे।