विश्व प्रसिद्ध डल झील में अब पर्यटक रात को भी जगमगाते शिकारों में नौका विहार का लुत्फ ले सकते हैं। घाटी में नाइट लाइफ को बढ़ावा देने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कश्मीर पर्यटन विभाग ने यह कदम उठाया है।
आतंकवाद का दौर शुरू होने से कश्मीर में लगभग बीते तीन दशकों से नाइट लाइफ गायब थी, लेकिन अब हालातों में सुधार के साथ फिर से नाइट लाइफ को वापस पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अमूमन यहां घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए रात आठ बजे के बाद आवाजाही बंद रहती है।
अब श्रीनगर शहर में नाइट लाइफ को बढ़ावा देने के लिए कश्मीर पर्यटन विभाग ने डल झील में करीब 80 से अधिक शिकारों को सोलर पैनल के जरिये रोशन किया गया है। यह सभी शिकारे रात के समय जगमगाते हैं और मनोहारी दृश्य पेश करते हैं। आने वाले समय में चरणबद्ध ढंग से करीब 1000 से अधिक शिकारों को रोशन किया जाएगा।
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हमारी कोशिश है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के साथ मिलकर इस कदम को प्रभावी बनाया जा सके। अब शाम छह बजे के बाद पर्यटकों को झील में घूमने की इजाजत होगी। पर्यटन विभाग के इस अनूठे प्रयास से पर्यटक भी काफी खुश हैं।
पर्यावरण का भी रखा ध्यान
इन शिकारों को रोशन करने के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा रहा है। ताकि किसी तरह से पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
रोजगार बढ़ने की उम्मीद
शिकारा एसोसिएशन के अध्यक्ष वली मोहम्मद ने कहा कि यह एक अच्छा कदम है। यह लंबे समय से मांग की जा रही थी, क्योंकि पर्यटक को नाइट सर्विस भी मिलेगी, साथ ही रोजगार भी बढ़ेगा।
कश्मीर पर्यटन का ब्रांड ही हाउसबोट और शिकारा है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बीते साल भी हाउसबोट फेस्टिवल करवाया था और शिकारा को प्रमोट करने के लिए यह एक नई पहल है। पर्यटक शाम के समय शिकारे की सैर करना चाहते थे परंतु अभी तक यह संभव नहीं था। अब पर्यटक परिवार के साथ शाम को इसका लुत्फ उठा सकते हैं।
- डॉ. जीएन इट्टू, निदेशक, पर्यटन विभाग, कश्मीर