जम्मू-कश्मीर में दस साल बाद हो रहे विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने कई पुराने और सशक्त नेताओं पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, डॉ. देवेंद्र मन्याल, और जीवन लाल को दोबारा मौका देने का फैसला किया है, जो भाजपा के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
रवींद्र रैना, जो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं, उन्हें नौशेरा सीट से दोबारा चुनावी टिकट मिला है। रैना ने पहले भी इस सीट पर जीत दर्ज की थी और पार्टी की रणनीति को देखते हुए एक बार फिर उनकी उम्मीदवारी को मान्यता दी गई है। इसके अतिरिक्त, पिछली बार रामगढ़ सीट से विजय प्राप्त करने वाले डॉ. देवेंद्र मन्याल को इस बार सांबा सीट से उतारा गया है, जो पार्टी की नई रणनीति का हिस्सा है। इसके अलावा, बनी सीट से जीवन लाल को भी दोबारा टिकट दिया गया है, जो पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है।
2014 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 25 सीटें जीती थीं और पीडीपी के बाद बहुमत प्राप्त करने वाली दूसरी प्रमुख पार्टी बन गई थी। भाजपा की अधिकांश सीटें जम्मू संभाग से आई थीं, जबकि पीडीपी ने सबसे अधिक 28 सीटें प्राप्त की थीं। अन्य दलों में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस ने समान रूप से 15 सीटें जीती थीं, और सीपीआई, निर्दलीय, जेके पीपुल्स कांफ्रेंस, और जेके पीपुल डेमोक्रेटिक फ्रंट ने मिलकर अन्य सीटें हासिल की थीं।
भाजपा ने इस बार 61 प्रत्याशियों की घोषणा की है और परिसीमन के बाद बनीं जम्मू संभाग की नई सीटों पर भी अपनी नजरें टिकी हैं। इन नई सीटों में श्री माता वैष्णो देवी, डोडा पश्चिम, उधमपुर पश्चिम, रामगढ़, कालाकोट-सुंदरबनी, और गुलाबगढ़ प्रमुख हैं। भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं को उतारने के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी चुनावी मैदान में लाने का निर्णय लिया है। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में 87 विधानसभा सीटें थीं, जो इस बार बढ़कर 90 हो गई हैं। भाजपा की यह रणनीति आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जहां पुराने चेहरों और नई उम्मीदों का संयोजन देखनें को मिलेगा।