जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग के छह जुलाई से शुरू हो रहे चार दिवसीय पहले दौरे का कार्यक्रम तय हो गया है। अपने दौरे में तीन दिन आयोग की टीम राजनीतिक दलों के नेताओं से विचार-विमर्श करेगी। इसके लिए सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों को न्योता भेजने का सिलसिला चुनाव कार्यालय की ओर से शुरू कर दिया गया है।
इसके अलावा भी जो कोई बात करना चाहेगा उसे आयोग की ओर से समय दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई के नेतृत्व में छह जुलाई को टीम श्रीनगर पहुंचेगी। यहां पूरे दिन वह राजनीतिक दलों के नेताओं से संवाद करेगी। अगले दिन टीम पहलगाम जाएगी।
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यहां राजनीतिक पार्टी के नुमाइंदों से विचार-विमर्श के साथ ही टीम दक्षिणी कश्मीर के चार जिलों अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम व पुलवामा के डीसी से संवाद करेगी। दोपहर बाद यह टीम श्रीनगर लौटकर कश्मीर संभाग के छह जिलों के डीसी से संवाद करेगी। आठ जुलाई को आयोग की टीम किश्तवाड़ जाएगी, जहां राजनीतिक नुमाइंदों से परिसीमन को लेकर उनके सुझाव लेगी। साथ ही तीन जिलों डोडा, रामबन व किश्तवाड़ से संवाद कर उनका फीडबैक लेगी।
इसी दिन शाम को आयोग का दल जम्मू में राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से मिलेगा। अगले दिन नौ जुलाई को आयोग की टीम जम्मू संभाग के शेष सात जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर, रियासी, राजोरी व पुंछ के डीसी के साथ बैठक करेगी। चुनाव कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राजनीतिक दलों को आमंत्रण भेजने का काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि यह सिलसिला अगले दो दिन में पूरा हो जाएगा। वहीं, आयोग के दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
लोकतंत्र में विश्वास, चुनाव चाहने वाले परिसीमन में भाग लेंगे: उप राज्यपाल
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि परिसीमन आयोग परिसीमन अधिनियम के तहत काम करता है। जिनका लोकतंत्र में विश्वास है और जो विधानसभा चुनाव चाहते हैं वे निश्चित रूप से इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। श्रीनगर में सुशासन पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से उन्होंने कहा कि आयोग का परिसीमन का बिल्कुल पारदर्शी तरीका है। जब राजनीतिक पार्टियाें और आम जनता की भागीदारी होगी तो बेहतर विधानसभा का गठन होगा।