सीआरपीएफ के उच्च अधिकारी ने बताया कि कैंपों में ड्रोन हमलों का सामना करने ओर इस पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बहुत जल्द एंटी ड्रोन यंत्र और कर्मियों की विशेष रूप से तैनाती की जाएगी।
सीआरपीएफ अपने कैंपों को ड्रोन हमलों से बचाने के लिए तैयारी कर रही है। जिस तरह से वायुसेना स्टेशन पर हमला हुआ। उसके बाद सभी सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक चुनौती बन चुका है। इससे निपटना ही एजेंसी के लिए सिरदर्द है। खासकर सीआरपीएफ के लिए। जो कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश में जम्मू-कश्मीर पुलिस के बाद दूसरी सबसे बड़ी फोर्स है।
विज्ञापन
सीआरपीएफ के उच्च अधिकारी ने बताया कि कैंपों में ड्रोन हमलों का सामना करने ओर इस पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बहुत जल्द एंटी ड्रोन यंत्र और कर्मियों की विशेष रूप से तैनाती की जाएगी। बता दें कि सीआरपीएफ देश का सबसे बड़ा आत्मघाती हमला झेल चुकी है। पुलवामा में हुए हमले में 44 जवान शहीद हो गए थे।
इस हमले में भी आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। अब वायुसेना स्टेशन पर भी हमले में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया। संभव है कि भविष्य में आतंकी हमले करने में इसी तरह आरडीएक्स का इस्तेमाल करें और ड्रोन के जरिए हमले करने का प्रयास करें।
इसी से निपटने के लिए सीआरपीएफ विशेष रूप से तैयारी कर रही है। जल्द ही इसे लेकर काम शुरू होगा। बता दें कि वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले के बाद सीआरपीएफ के डीजी ने भी वायुसेना स्टेशन का दौरा किया था।