हल्के से सामान्य लक्षण वाले कोरोना मरीजों को उप नगरीय और गांवों के करीब अस्पतालों में ही उपचार की व्यवस्था की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर के अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट बेड से लेकर वेंटिलेटर की व्यवस्था कर दी गई है। इस नई व्यवस्था का लक्ष्य जम्मू के प्रमुख कोविड अस्पतालों में गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाना है।
जम्मू के उप नगरीय क्षेत्र में मौजूद कोट भलवाल अस्पताल में 72 कोविड बेड की व्यवस्था की गई है। अभी तक इस अस्पताल में 15 मरीज ही भर्ती हैं। इसी तरह गंग्याल स्थित राजीव गांधी अस्पताल में 60 कोविड बेड हैं, इस अस्पताल में अभी तक 60 बेड फुल हैं। कम हल्के व सामान्य लक्षण वाले कोविड मरीज जम्मू के ट्राइएज अस्पताल सीडी हास्पिटल पहुंच रहे हैं। वहां से उन्हें राजीव गांधी अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
संभाग के अन्य जिलों की बात करें तो भद्रवाह के सीएचसी में 60, बसोहली सीएचसी में 25, नगरी परोल सीएचसी में 25, एसडीएस कटड़ा में 20, सीएचसी मेंढर में 30, सीएचसी सुरनकोट में 30, सीएचसी चिनैनी में 50, सीएचसी रामनगर में 20, सीएचसी रामगढ़ सांबा में 20 कोविड बेड उपलब्ध करवा दिए गए हैं। फिलहाल इन सीएचसी अस्पतालों में गिने चुने मरीज ही भर्ती हैं। भविष्य में हालात खराब हुए तो इस नई व्यवस्था का लाभ गांव व उपनगरीय क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा।
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जम्मू संभाग में सामुदायकि स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड मरीजों के लिए बेड व ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। हल्के व सामान्य लक्षणों वाले मरीजों का उपचार अपने घरों के करीब सीएचसी स्तर पर हो, इसके लिए व्यवस्था की गई है। मकसद यह है कि केवल गंभीर मरीज ही जम्मू के जीएमसी व अन्य कोविड अस्पतालों में पहुंचे और इन प्रमुख अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए बेड की कमी न रहे।
-डॉ. रेणु शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू