कोरोना कॉल में ट्रांसपोर्टरों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ईंधन की बढ़ती कीमतों से भी ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। आलम यह है कि ट्रांसपोर्टर कर्ज लेकर खरीदी टैक्सियों की किस्तें तक जमा नहीं करवा पा रहे हैं। सरकार की ओर से आर्थिक मदद के नाम पर सिर्फ दावे और वादे मिले हैं, जबकि जमीनी सच्चाई ये है कि ट्रांसपोर्टरों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। अप्रैल से प्रदेश में निजी यात्री वाहन बंद हैं, ऐसे में यात्री वाहनों से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। ट्रांसपोर्टर सरकार से आर्थिक पैकेज की मांग कर रहे हैं।
नई गाड़ी खरीदी थी, अब बैंक की किस्तें नहीं दे पा रहा हूं
मेरे पास पांच टैक्सी हैं, कोविड के कारण कामकाज प्रभावित है, ऐसे में गाड़ियों की किस्तें भरना मुश्किल हो गया है। 2020 में नई टैक्सी खरीदी थी। इसके बाद कोविड आ गया है और फिर कामकाज प्रभावित होता चला गया। पिछले वर्ष नवंबर के बाद से थोड़ा काम पटरी पर आया था, लेकिन इस वर्ष फिर से कोरोना ने कामकाज छीन लिया। बैंक की समय पर किस्तें नहीं देने से लगातार नोटिस मिल रहा है। अगर कुछ महीने और ऐसे ही स्थिति रही तो गाड़ियां बेच कर बैंक की किस्तें पूरी करनी पड़ेंगी।
-नीरज रामपाल, टैक्सी मालिक
सरकार कर्ज का ब्याज ही माफ कर दे
हमारा काम कटड़ा और श्रीनगर के लिए होता है, लेकिन पर्यटकों के नहीं आने सेे काम ठप पड़ा हुआ है। मार्च के बाद से गाड़ियां खड़ी हैं। बैंक किस्तें मांगता है, लेकिन हम कहां से किस्तें जमा करवाएं। चालक को भी वेतन देना होता है, क्योंकि वह हम पर निर्भर हैं। सरकार ने कोई आर्थिक मदद दी नहीं, ऐसे में हमारे पास गाड़ियां बेचने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं दिख रहा है। अगर सरकार बैंक किस्त माफ नहीं कर सकती है तो कम से कम ब्याज ही माफ कर दे, जिससे हमें काफी राहत मिलेगी। ट्रांसपोर्टर को बचाने के लिए सरकार को राहत पैकेज जारी करना चाहिए, ताकि ट्रांसपोर्ट उद्योग फिर से रफ्तार पकड़ सके।
- लखविंद्र सिंह, टैक्सी मालिक
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मरीजों और तीमारदारों को दे रहे निशुल्क सेवा
ऑटो चालकों हरदेव सिंह जीएमसी, सुपर स्पेशियलिटी सहित अन्य अस्पतालों में आने वाले मरीज व तीमारदारों को निशुल्क सेवा मुहैया करवा रहे हैं। हरदेव सिंह ने कहा कि हम एक अस्तपाल से दूसरे तक जाने वाले मरीज व उनके तामीदारों को निशुल्क सेवा देते हैं, लेकिन सरकार ने हमारी सुध नहीं ली, लेकिन हम मरीजों का दर्द समझते हैं। उन्होंने कहा कि महामारी में कामकाज ठप है। कोरोना काल में जरूरतमंद लोगों की मदद ही सबसे बड़ी सेवा है।