प्रदेश सरकार ने एक अगस्त से कॉलेज-विश्वविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से खोलने का फैसला लिया है। जम्मू यूनिवर्सिटी के अधीन आने वाले कॉलेजों में रोस्टर के हिसाब से पढ़ाई होगी। शुरुआती समय में वैकल्पिक दिनों पर सीमित संख्या में विद्यार्थियों के साथ ऑफलाइन क्लासेज लगेंगी। हर दिन जिस विभाग में ऑनलाइन क्लास होगी, अगले दिन उस विभाग में ऑफलाइन क्लास होगी।
ऑफलाइन क्लास में टीका लगवा चुके विद्यार्थी ही बैठ सकेंगे। इस पर विभागों के एचओडी निगरानी रखेंगे। जम्मू यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों में कोविड एसओपी का पालन करने के लिए आंतरिक कमेटी का भी गठन किया जाएगा। ऑफलाइन क्लासेज में प्रैक्टिकल वर्क, जबकि ऑनलाइन क्लास में थ्योरी पर ज्यादा ध्यान होगा। शुरुआती दौर में रोटेशन पर ऑनलाइन और ऑफलाइल क्लास दोनों लगाई जाएंगी।
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शोध विद्वान को भी वैकल्पिक दिन पर बुलाया जाएगा
यूनिवर्सिटी के शोध विद्वान को वैकल्पिक दिन पर बुलाया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय एक रोस्टर तैयार करेगा। वैकल्पिक दिन पर आने वाले विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल वर्क पर ज्यादा महत्व दिया जाएगा। साइंस से जुड़े शोध विद्वान का यूनिवर्सिटी में आना जरूरी है, ऐसे में उनके विभागों की ओर से एक रोस्टर बनाया जाएगा।
यूनिवर्सिटी और कॉलेज में वैक्सीनेशन कैंप लगाए जाएंगे
यूनिवर्सिटी और कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए विशेष वैक्सीनेशन कैंप लगाए जाएंगे। जम्मू यूनिवर्सिटी ने सरकार को इसके लिए पत्र लिखा है। यूनिवर्सिटी और कॉलेज संकाय की तरह विद्यार्थियों के लिए भी विशेष वैक्सीनेशन कैंप लगाने की मांग की। क्लास में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र दिखाना पड़ेगा।