जम्मू-कश्मीर स्कूली शिक्षा बोर्ड द्वारा करवाई जा रही दसवीं की वार्षिक परीक्षा के पहले ही दिन बोर्ड द्वारा नियुक्त अधिकारियों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है।
रामकोट और नगरोटा गुजरू हायर सेकेंडरी स्कूल में बनाए दो परीक्षा केंद्रों पर इन अधिकारियों ने परीक्षार्थियों को दसवीं की जगह बारहवीं का अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र बांट दिया, जो सात मार्च को होना था। बोर्ड सचिव वीना पंडिता ने बताया कि मामला संज्ञान में है। चूक की जांच की जाएगी। परीक्षा संबंधी सूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी।
अधिकारियों की लापरवाही से इन दोनों परीक्षा केंद्रों परपरीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को दिक्कतें आईं। बाद में उन्हें अतिरिक्त वक्त देकर समय की क्षतिपूर्ति की गई।
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परीक्षा
- फोटो : File Photo
इस लापरवाही का पता परीक्षार्थियोें को तब चला, जब शुक्रवार को दो बजे उन्हें अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र बांटा गया। जब उन्होंने देखा कि जो कुछ उन्हें पढ़ाया गया है, वह इस प्रश्न पत्र में है ही नहीं। इस पर उन्होंने इसकी शिकायत बोर्ड द्वारा नियुक्त सुपरिंटेंडेंट से की, जिसने जैसे ही प्रश्न पत्र देखा, तो उनके होश उड़ गए।
बाद में यह सारा मामला उच्चाधिकारियों के नोटिस में लाया गया, जिन्होंने जल्द प्रश्न पत्र बदल कर विद्यार्थियों को देने के लिए कहा, ताकि परीक्षा सुचारू रूप से हो सके। रामकोट हायर सेकेंडरी में बने परीक्षा केंद्र पर पंद्रह बीस मिनट बाद विद्यार्थियों को उनका अपना प्रश्न पत्र मिला, जबकि नगरोटा गुजरू में यह प्रश्न पत्र पहुंचाने में कुछ अधिक वक्त लगा।
वहीं इस संबंध में जब बोर्ड के स्थानीय अधिकारी गुलाम नबी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें दोपहर को जैसे ही इसकी सूचना मिली, तो वह मौके पर पहुंचे और सबसे पहले दसवीं के प्रश्न पत्रों को लाकर विद्याथियों में बांटा गया, ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो, जहां तक लापरवाही की बात है, तो इस संबंध में बोर्ड के आला अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।