श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बार फिर पुलवामा जैसे हमले की कोशिश की गई। रामबन जिले के जवाहर टनल के पास गैस सिलेंडर लदी एक सेंट्रो कार सीआरपीएफ के काफिले से टकरा गई। इसके बाद जोरदार विस्फोट में कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। हालांकि, इसमें सीआरपीएफ जवानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है। बस की खिड़की टूटी है। कार चालक मौके से फरार है। घटना के बाद पूरे इलाके को घेरकर देर शाम तक तलाशी अभियान चलाया जाता रहा। मौके से तेल भरी बोतलें तथा यूरिया खाद के कुछ दाने बरामद हुए हैं। इससे आतंकी घटना की ओर से सुरक्षा एजेंसियों का शक घूम रहा है। कार में रखा दूसरा बड़ा सिलिंडर सुरक्षित है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि दूसरा सिलिंडर भी फट गया होता तो स्थिति भयावह हो सकती थी।
यह घटना शनिवार सुबह 10.30 मिनट पर हुई। श्रीनगर से जम्मू की तरफ सीआरपीएफ का काफिला आ रहा था। जवाहर टनल के थोड़ा आगे एक मोड़ पर पीछे से सफेद रंग की सेंट्रो कार आई। कार का पिछला कोना सीआरपीएफ की बस से टकराया। इससे कार साइड पर हो गई। इससे पहले की सीआरपीएफ के जवान कुछ समझ पाते कार में जोरदार धमाका हुआ। इससे कार के परखच्चे उड़ गए। कार चालक के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। धमाका किसकी वजह से हुआ है? इसके बारे भी जांच एजेंसियां पता लगाने में लगी हुई है। हादसे के बाद पूरे इलाके को सेना, सीआरपीएफ, पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने घेर लिया है।
कार के चेसिस नंबर से मालिक तक पहुंचने की कोशिश
हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे उस पर लगा नंबर भी मिट गया है। अब सुरक्षा एजेंसियां गाड़ी का चेसिस तथा इंजन नंबर से उसके मालिक की तलाश करने में जुटी हैं।
एफएसएल की टीम ने सैंपल लिए
शुरूआती जांच में पता चला है कि कार में एक सिलेंडर 19 किलो और दूसरा 5 किलो वाला था। इस पहलू पर भी जांच की जा रही है कि इसमें कोई विस्फोट सामग्री का इस्तेमाल तो नहीं हुआ। एफएसएल और विशेषज्ञों की टीम ने मौके से कई तरह के सैंपल उठाए हैं। कार का चालक मौके से फरार हो गया। संभव है कि उसे चोट आई होगी और वह कहीं इलाज कराने गया होगा। इसका भी पता लगाया जा रहा है। - अनीता शर्मा, एसएसपी, रामबन