बंदूक व असलहों से डर लगता था। प्रदर्शनी में हथियारों को हाथ में उठाकर देखा तो सेना की वर्दी पहन जांबाज बनने का सपना संजो लिया। डोडा जिले में जम्मू विश्वविद्यालय के भद्रवाह कैंपस में सेना की ओर से आयोजित हथियारों की प्रदर्शनी में बारह कॉलेजों से आईं 275 छात्राएं अब सेना को कॅरिअर की तरह देख रही हैं।
ठाठरी डिग्री कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा इर्तिका बानो ने कहा, पहली बार हथियारों को छूकर देखा। अब मेरे लिए सेना ज्वाइन कर देश सेवा ही सपना है। इसी तरह से चिनाब घाटी के डोडा, किश्तवाड़, रामबन के अलावा उधमपुर, राजोरी, पुंछ और जम्मू से पहुंचीं छात्राएं भी उत्साहित और रोमांचित नजर आईं।
छात्रु कॉलेज की छात्रा 18 वर्षीय रिफत अमीन ने कहा, मैं हथियाराें के जिक्र से भी डरती थी। यहां हथियार उठाकर देखने से नजरिया बदल गया। यहां आकर पता चला कि महिलाएं भी सेना में भर्ती हो सकती हैं। प्रदर्शनी का मंच प्रेरणा बना है और भविष्य में वह सेना में भर्ती होना चाहेंगी।
जम्मू के परेड कॉलेज की 19 वर्षीय छात्रा अशिता ने कहा, सेना की ओर से प्रदर्शनी का आयोजन महिला सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, व्याख्यान से विद्यार्थियों को सेना ज्वाइन करने के लिए प्रेरित कर रहे चार राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अफसर कर्नल रजत परमार ने कहा, दूरदराज क्षेत्र की छात्राओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया।
उन्होंने यह जानने में खास रुचि दिखाई कि दुश्मन के खिलाफ हथियारों को कैसे इस्तेमाल करना चाहिए। भद्रवाह कैंपस के अकादमिक समन्वयक डॉ. कुलजीत सिंह ने कहा, छात्रु, रामनगर, खिलोतरां और ठाठरी से आईं छात्राओं ने हथियारों की प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई।