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अमनदीप हत्याकांडः रॉयल सिंह को उम्रकैद, कोर्ट ने कहा- सस्पेंस मूवी की पटकथा पर काम कर रही थी पुलिस

Tue, 11 Aug 2020 03:51 PM IST
प्रशांत कुमार जेएनएफ, जम्मू
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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बहुचर्चित अमनदीप हत्याकांड मामले में कोर्ट ने एक दोषी रॉयल सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मुख्य आरोपी जतिंदर सिंह उर्फ राजा समेत तीन आरोपियों पर भी दोष साबित हुआ है, लेकिन इन तीनों की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह भाऊ की अदालत ने हाई प्रोफाइल केस पर 11 साल के ट्रायल के बाद फैसला सुनाया।

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मुख्य आरोपी जतिंदर सिंह उर्फ राजा के पिता नागर सिंह, तत्कालीन एसएसपी मनोहर सिंह, तत्कालीन एसएचओ सुल्तान महमूद मिर्जा, बैलिस्टिक एक्सपर्ट सरवर हुसैन बुखारी, जागर सिंह और राकेश सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने केस की जांच पर सवाल खड़े कर पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए कि वह कोर्ट के सवालाें पर जांच अधिकारियों से जवाब तलब करें।

कोर्ट ने फैसले में कहा कि केबल टीवी ऑपरेशन को लेकर अमनदीप सिंह के साथ जतिंदर सिंह व अन्यों के साथ कारोबारी दुश्मनी में हत्याकांड को अंजाम दिया गया। यह मामला हाई प्रोफाइल था जिसमें जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा आयकर जमा कराने वालों में शुमार दागी कारोबारी नागर सिंह समेत कई अन्य लोगों पर अभियोजन चलाया गया।
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कोर्ट ने कहा कि मामले में मुख्य आरोपी जतिंदर सिंह आरोपी नंबर 8 यानी नागर सिंह का बेटा था। अभियोजना के दौरान बिना किसी संदेह के यह साबित हुआ कि जतिंदर सिंह, सतनाम सिंह और राज सिंह दोषी थे। इन तीनों की ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है। चौथे आरोपी रॉयल सिंह पर हत्याकांड में शामिल होने और 3/25 आर्म्स एक्ट का केस साबित हुआ, जिसे कोर्ट दोनों धाराओं के तहत उम्रकैद व तीन साल की अलग-अलग सजा सुनाई जाती है।

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...सस्पेंस मूवी की पटकथा पर काम कर रही थी पुलिस: कोर्ट

हाई प्रोफाइल केस में जांच पर कोर्ट ने कई सवाल खड़े किए। फैसले में कोर्ट ने कहा, अदालत को यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि जांच को जिस अंदाज में अंजाम दिया गया, उससे ऐसा प्रतीत हुआ जैसे सस्पेंस मूवी की पटकथा पर काम हो रहा है। किसी फिल्म की शूटिंग की जा रही हो। तथ्यों को तोड़-मरोड़कर अदालत को गलत नतीजे पर पहुंचाने की कोशिश की गई। इन तमाम पहलुओं को देखते हुए कोर्ट इन बातों को ऑन रिकॉर्ड ला रही है। जांच अधिकारियाें के व्यवहार और भूमिका को अन्य जांच अधिकारियों के समक्ष चेतावनी के रूप में प्रस्तुत कर रही है। भविष्य में यदि जांच अधिकारी अपनी ड्यूटी को पेशेवर, सतर्क और निष्पक्ष रूप से अंजाम नहीं देते हैं तो उन्हें भी जवाब तलबी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से कोर्ट पुलिस महानिदेशक को निर्देश देती है कि वे इस मामले के जांच अधिकारियों से जवाब तलब करें।

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