नागरिक सचिवालय में जम्मू और कश्मीर में भूकंप से जोखिम में कमी और प्रबंधन पर हुई बैठक
विभाग के प्रधान सचिव ने अधिकारियों से किया विचार-विमर्श
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भूकंप से बचाव के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी है। बचाव के लिए मॉकड्रिल का आयोजन किया जाए और जागरूकता बढ़ाई जाए। यह बातें आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग के प्रधान सचिव ने नागरिक सचिवालय में जम्मू और कश्मीर में भूकंप से जोखिम में कमी और प्रबंधन पर हुई बैठक में कहीं।
प्रदेश भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में स्थित है और भूकंप के लिए अतिसंवेदनशील है। प्रधान सचिव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार सभी हितधारकों के निरंतर और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से होने वाले नुकसान और विनाश को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने जम्मू और कश्मीर में भूकंप के खतरों और इसके प्रबंधन पर अपनी बहुमूल्य विचार रखे। भूकंप के जोखिम को कम करने के लिए एक विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई। प्रधान सचिव ने सभी आपातकालीन सहायता पदाधिकारियों, लाइन विभागों, मंडल और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों, एसडीआरएफ, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं और अन्य एजेंसियों को भूकंप की घटना से निपटने के लिए तैयारी को अपनाने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे हर विभाग, जिले और संगठन में भूकंप प्रबंधन योजनाओं को विकसित करने पर ध्यान दें। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, पंचायतों, हवाई अड्डों, सरकारी और अर्ध-सरकारी, एजेंसियों और आपदा-ग्रस्त क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण, नियमित मॉकड्रिल आयोजित करें।