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Jammu News: जाम से जूझते जम्मू और श्रीनगर में सुधरेगी यातायात व्यवस्था, मुख्य सचिव को कमान

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सरकार ने बनाई 12 सदस्यीय समिति, व्यवस्था में सुधार और समीक्षा सौंपा जिम्मा
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दोनों शहरों में 2024 में 1304 सड़क हादसों में गई 148 लोगों की जान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जाम से जूझते लोग। रेंगते वाहन और इससे बढ़ते सड़क हादसे। जम्मू और श्रीनगर दोनों ही शहरों में भारी जाम। पीक समय में घंटों परेशानी, जिससे निजात दिलाने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यातायात व्यवस्था में सुधार की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय समिति गठित की है।
2024 में दोनों शहरों में 148 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। श्रीनगर में 48 और जम्मू में 105 लोगों की जान गई। जम्मू में 910 और श्रीनगर में 394 सड़क हादसे हुए, जिसकी सबसे बड़ी वजह लचर यातायात व्यवस्था को माना गया है। इसी में सुधार के लिए सरकार को कदम उठाने पड़े हैं।
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बार-बार उल्लंघन करने वालों का बनेगा डाटा
ये समिति दोनों शहरों के लिए वैज्ञानिक अध्ययनों और डेटा विश्लेषण के आधार विस्तृत यातायात प्रबंधन योजनाओं को तैयार करने व वैकल्पिक मार्गों की पहचान करने का काम करेगी। समिति विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले मार्गों पर यातायात सुधार को लेकर सुझाव देगी। जाम लगते ही उसे तकनीक के माध्यम से ठीक किया जाएगा। यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए यातायात विभाग कार्रवाई तेज करनी होगी। विशेष रूप से दुर्घटनाओं और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर। यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के डेटा को परिवहन विभाग के डेटाबेस के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसमें प्रमुख जंक्शनों, रोटरी और टी-पॉइंट पर ट्रैफिक सिग्नल स्थापित किए जाएंगे।


तंग सड़कों व चौराहों की होगी पहचान
दोनों शहरों में तेजी से वाहनों की संख्या बढ़ी है, लेकिन सड़कें खुली नहीं हुईं। प्रमुख चौक चौराहों की स्थिति भी वैसी ही है। समिति को ऐसे क्षेत्रों और चौक-चौराहों की पहचान करनी होगी, ताकि सड़कों का विस्तार हो। इसके लिए बुनियादी ढांचा मजबूत किया जा सके। इन जगहों पर चल रही परियोजनाएं भी तेजी से समाप्त करने पर जोर दिया गया है।

सड़क किनारे लगने वालों का भी रखा जाएगा ध्यान
समिति को ये जिम्मेदारी भी गई है कि सड़क पर अतिक्रमण करने वालों को लेकर योजना बनाएं व इनका पुनर्वास करें। लेकिन, अतिक्रमण हटाना होगा। पीक समय में निजी वाहनों की संख्या कम करने के लिए ई-बसों का शुरू करने पर जोर दिया गया है। कई रूट इसके लिए पहचाने जाएंगे। यातायात पुलिस, पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी), एनएचएआई और स्थानीय अधिकारियों जैसे प्रमुख हितधारकों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए भी कहा गया है।
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नए पार्किग स्थलों की पहचान की जाएगी
-स्कूलों में विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में बच्चों को यातायात प्रबंधन के उपाय बताए जाएंगे
-ब्लैक स्पाट की पहचान की जाएगी, यहां सुधार के उपाय बताए जाएंगे

समिति में ये भी किए शामिल
समिति में गृह, आवास और शहरी विकास, पर्यटन, परिवहन, लोक निर्माण (आरएंडबी) विभागों के प्रशासनिक सचिव, जम्मू और कश्मीर के मंडलायुक्त, आईजी यातायात पुलिस, जम्मू और श्रीनगर नगर आयुकत, राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) व राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षेत्रीय निदेशक शामिल होंगे।
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