नगरोटा में वीरवार को स्कूली बच्चों को लेकर जा रही मिनी बस (जेके02एस 7741) खाई में गिर गई। हादसे में मिनी बस में सवार 24 बच्चे घायल हो गए। इनमें से 12 को गंभीर चोटें आई हैं। इन्हें जीएमसी में भर्ती कराया गया है। अन्य घायल बच्चों को जगती अस्पताल में उपचार के देकर घर भेज दिया गया।
हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। जैसे ही मिनी बस पलटी तो बच्चों ने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। मिनी बस में सवार 24 बच्चों में से 7 बच्चे 4 से 5 वर्ष के हैं। इनमें से दो जीएमसी पहुंचे। इनमें अवनी शर्मा और ताहिर शामिल हैं।
हादसा होने के बाद आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़े। जिस जगह हादसा हुआ वहां से बच्चों के घर भी नजदीक ही थे। इसके कारण बच्चों के मां-बाप भी रोते-बिलखते घटनास्थल पर तुरंत पहुंच गए। सबसे पहले बच्चों को जगती के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया।
इसके बाद वहां से 12 बच्चों को जीएमसी रेफर कर दिया, जिनकी हालत गंभीर थी। जीएमसी पहुंचे बच्चे डरे-सहमे दिखाई दे रहे थे। वह सहमे हुए मां-बाप से बातें कर रहे थे।
हादसे के बाद जैसे ही बच्चे अस्पताल पहुंचे तो उनके उपचार के लिए कई लोग आगे आए, क्योंकि बच्चों के साथ उनके परिवार का एक सदस्य ही था। ऐसे में अस्पताल में मौजूद लोगों ने बच्चों को एक्स रे, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड जैसे अन्य टेस्ट कराने में मदद की। सभी बच्चों को निजी एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ बच्चों के अभिभावक अपने निजी वाहन में उन्हें लेकर आए थे।
चौथी कक्षा का छात्र नासिर हुसैन भी घायल है। उसके पिता मुराद अली ने बताया कि मिनी बस करीब 30 फुट नीचे गिरी है। 4 पलटे खाने के बाद यह बस रुक गई। यदि यह नहीं रुकती तो नीचे नाले में 100 फुट दूर जाकर गिरती और उसके परखच्चे उड़ जाते। शुक्र है कि चार पलटे खाने के बाद रुक गई। उधर, छात्रों का कहना है कि मिनी बस की गति काफी तेज थी। चालक को बार-बार धीरे चलने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने नहीं सुनीं।
पांचवीं कक्षा की छात्रा सोनिया अख्तर ने बताया कि जिस बस में वह लोग हर रोज आते थे, उस बस को स्कूल वालों ने किसी बरात में भेज दिया। इस कारण हमें पुरानी बस में भेज दिया। एक अंकल ने बताया भी था कि यह मिनी बस खराब है। एक दिन पहले भी इस मिनी बस को भेजा गया था। सोनिया ने कहा कि मिनी बस में बैठते ही डर लगने लगा था, क्योंकि वह खराब थी।
एक तरफ जहां हादसे में घायल बच्चों की मदद और उनको अस्पताल पहुंचाने के लिए लोग उमड़ पड़े। वहीं मिनी बस का चालक उनको बचाने की बजाय वहां से भाग निकला। इससे अभिभावकों में रोष है। नगरोटा थाना प्रभारी विश्व प्रताप का कहना है कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है।