लाॅजिस्टिक्स व्यवस्था के दृष्टिकोण से जम्मू रेल डिवीजन के लिए शुक्रवार का दिन काफी खास रहेगा। पहली बार 42 वैगन की मालगाड़ी अंबाला मंडल के संगरूर गुड्स शेड से 2768 टन चावल लेकर अनंतनाग पहुंचेगी। यह पूर्ण रेक मालगाड़ी के अपने लोडिंग पाइंट से 24 घंटे से भी कम समय में अनंतनाग गुड्स टमिर्नल पहुंचने की उम्मीद है। इससे घाटी में खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और वितरण नेटवर्क को बढ़ावा मिलेगा।
अनाज से भरी यह मालगाड़ी बिना किसी बाधा व सड़क परिवहन के मुकाबले बहुत ही कम समय में पंजाब से कश्मीर पहुंचेगी। आने वाले समय में भी अनाज व अन्य खाद्य सामग्री देश के विभिन्न कोनों से सीधे रेल मार्ग से कश्मीर घाटी पहुंचेगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को भी होगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जम्मू उचित सिंघल ने कहा कि यह जम्मू-कश्मीर घाटी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।
42 वैगन वाली पहली रैक का सफलतापूर्वक पहुंचना, क्षेत्र में तेजी से माल ढुलाई और लाॅजिस्टिक्स क्षमता में वृद्धि का संकेत है। इससे न केवल माल परिवहन सुगम होगा बल्कि स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी काफी आसानी होगी। सिंघल ने कहा कि भविष्य में रेलवे द्वारा भारतीय खाद्य निगम की खाद्यान्न माल गाड़ियों का संचालन अर्थव्यवस्था को आधारभूत संरचना देने में प्रमुख भूमिका निभाएगा।
21 दिसंबर को 1384 टन खाद्यान्न लेकर अनंतनाग पहुंची थी मालगाड़ी
इससे पहले 21 दिसंबर 2025 को एफसीआई की खाद्यान्न लदी 21 बोगी वाली मालगाड़ी फिरोजपुर मंडल के अजीतवाल गुड्स शेड से रवाना होकर उसी दिन अनंतनाग गुड्स टमिर्नल पहुंची थी जिसमें लगभग 1384 टन वजन था। अब भारतीय खाद्य निगम के साथ लगातार बातचीत के बाद लाॅजिस्टिक्स लागत बचाने और आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने में काफी सहूलियत होगी।