जामिया-ए-मस्जिद में हमला करने के एक मामले में कुलगाम के प्रिंसिपल सेशन जज सुभाष सी गुप्ता ने धारा 304-पार्ट वन के तहत दस आरोपियों को दोषी करार दिया। 28 अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। दोषियों में अब्दुल रज्जाक पार्रे, अजीज भट, जलील भट (दोनों भाई), मंजूर भट, सरताज भट (दोनों भाई), सैयद भट, दाउद पाडर, शौकत भट, बशीर अहमद भट और गनी भट शामिल हैं।
अदालत ने सभी दोषियों को सेंट्रल जेल भेजने का निर्देश दिया। 30 जून को आरोपियों को फिर अदालत में पेश किया जाए, जहां उन्हें सजा सुनाई जाएगी। पुलिस केस के अनुसार 19 सितंबर 2009 को शिकायतकर्ता गुलाम मोहिउद्दीन भट ने पुलिस को बताया कि वह और अन्य लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान सभी आरोपी मस्जिद के बाहर आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए जमा थे।
उन्होंने शिकायतकर्ता और अन्य नमाजियों को पीटा और पत्थर चलाए। इस दौरान उनके भतीजे नवाज अहमद भट पर कातिलाना हमला करते हुए डंडों और पत्थरों से मारा, जिससे वह गिरकर बेहोश हो गया। उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सौरा अस्पताल भेज दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जब नवाज के पिता उसे बचाने के लिए मौके पर पहुंचे तो उसे भी पीट जख्मी कर दिया गया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान जज ने 28 लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने पर उन्हें बरी कर दिया। अन्य दस लोगों को दोषी करार दिया। जेएनएफ