आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहे एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को पुलिस ने चकरोई गांव से गिरफ्तार किया है। ओजीडब्ल्यू के कब्जे से पांच सिमकार्ड के साथ हवाला के पांच लाख रुपये भी बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान इसके आतंकियों के साथ संबंधों के अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर मकान मालिक को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मकान मालिक की बैंक पासबुक व अन्य दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पकड़े गए ओजीडब्ल्यू की पहचान मोहम्मद मुजफ्फर बेग निवासी बोधपुर, हंदवाड़ा के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार मोहम्मद मुजफ्फर बेग चकरोई गांव के लबा राम लाल की पत्नी से कोट भलवाल जेल में मिला था। इस जेल में मुजफ्फर का मामा सजा काट रहा था और लबा राम भी एक मामले में बंद था। लबा राम की पत्नी जेल में पति से मिलने आया करती थी। इसी दौरान मुजफ्फर से उसकी पहचान हो गई। एक माह पूर्व जेल से सजा पूरी होने पर लबा राम अपने घर पहुंचा। उधर मुजफ्फर का मामा भी रिहा हो चुका था।
इस बीच मुजफ्फर का लबा राम के घर कई बार आना-जाना हुआ। 20 मार्च को भी मुजफ्फर गांव चकरोई में लबा राम के घर पर था और लॉकडाउन होने पर वह अपने घर नहीं पहुंच पाया। बाद में बाहरी व्यक्ति के चकरोई में होने की सूचना चार दिन पूर्व पुलिस ने उसे लबा राम के घर से पूछताछ के लिए उठाया था। इसके साथ ही कोट भलवाल जेल में भी मुजफ्फर के लिंक तलाश की जा रही है।
एक अन्य युवक भी आया था मुजफ्फर के साथ
मुजफ्फर के साथ एक और युवक भी अक्सर लबा राम के यहां आता था। इस बार भी आया था। वह पहले ही बाहर चला गया था। पुलिस इसकी भी तलाश कर रही है।