पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं ने भारतीय सुरक्षा बलों के खिलाफ बड़ी साजिश रची है। आगामी जून और जुलाई में जम्मू समेत देश के अन्य हिस्सों में बड़े फिदायीन हमले हो सकते हैं। हाल ही में तीनों आतंकी संगठनों के सरगनाओं, पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की संयुक्त बैठक हुई है, जिसमें रणनीति बनाई गई कि कश्मीर को सेफ हाउस बनाकर आतंकी भारत के अन्य हिस्सों में हमले करेंगे।
खुफिया एजेंसियों के पास इसके पुख्ता इनपुट पहुंचे हैं। इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद, जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर, हिजबुल मुजाहिदीन चीफ सलाहुद्दीन, पाकिस्तानी सेना के बड़े अधिकारियों और आईएसआई अधिकारियों ने बैठक में तय किया कि नियंत्रण रेखा से घुसपैठ कर आतंकी कश्मीर जाएंगे।
कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों को ये लोग ट्रांजिट के रूप में इस्तेमाल करेंगे। स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर उनके पास रहेंगे। आतंकियों की अब प्राथमिकता होगी कि कश्मीर में आतंकी हमले कम करें। वे कश्मीर को सेफ हाउस की तरह इस्तेमाल करेंगे।
वहां से जम्मू आने और फिर जम्मू से अलग-अलग हिस्सों में जाने की कोशिश करेंगे। सूत्रों का कहना है कि जून और जुलाई में जम्मू समेत दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश आदि में बड़े आतंकी हमले हो सकते हैं। ये आतंकी कश्मीर में रहकर इसकी रणनीति बनाएंगे।
कश्मीरियों के हमदर्द बनने की कोशिश
पिछले कई आतंकी हमलों में कश्मीर के रहने वाले स्थानीय सुरक्षा कर्मी शहीद हो गए। इसका स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा जानकारी सुरक्षा बलों तक पहुंचाने से कई आतंकी मारे जाने लगे।
इसलिए आतंकी इस कोशिश में हैं कि कश्मीरी सुरक्षाकर्मियों को न मारा जाए। उनका हमदर्द बनकर उनके पास रहा जाए। उनके पास रहकर हमलों की रणनीति बनाई जाए। ऐसे हमले न किए जाएं, जिसमें स्थानीय नागरिक मारे जाएं।
400 से अधिक आतंकी तैयार
खुद नार्दर्न कमांड के जनरल आफिसर कमांडर-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) देवराज अनबू ने जानकारी दी है कि 400 से अधिक आतंकी सीमा पार घुसपैठ के लिए बैठे हुए हैं, जो हमलों की फिराक में है। अनुमान यह भी है कि कश्मीर में ही 200 से अधिक आतंकी मौजूद हैं। इसकी जानकारी होने पर भी सुरक्षा एजेंसियां इनका पता नहीं लगा पा रही। यह एक बड़ी चुनौती बन चुका है।