संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जगती टेनमेंट कमेटी सोन कश्मीर फ्रंट जेएंडके ने शुक्रवार को अध्यक्ष शादी लाल पंडिता के नेतृत्व में बैठक की। इसके बाद प्रदर्शन किया। उन्होंने विस्थापितों की समस्याओँ पर चिंता जताई। शादी लाल पंडिता ने कहा कि विस्थापितों के साथ न्याय नहीं हो रहा। इस कारण सड़क पर उतरना पड़ रहा है। कश्मीर घाटी में वापसी और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इसके लिए बारामूला, श्रीनगर और अनंतनाग में तुरंत तीन सैटेलाइट कॉलोनियां/टाउनशिप बनाए जाएं। 33 वर्ष की अचल संपत्ति का नुकसान प्रवासी जमींदारों को दिया जाए। घाटी में जमीनों और धार्मिक स्थलों से कब्जे हटाए जाएं।
राहत धारकों की मासिक राहत 13000 से बढ़ाकर 25000 रुपये की जाए। जिन घरों में सरकार ने आज तक एक भी नौकरी नहीं दी है, उनमें शिक्षित बेरोजगार युवाओं को नौकरियां दी जाएं। अधिक उम्र के युवाओं को बिना ब्याज के ऋण दिया जाए। इसके अलावा सदस्यों ने कहा कि जगती टाउनशिप में अनिर्धारित बिजली कटौती के साथ गंदे पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिस कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। यही नहीं, अप्रैल और मई का राशन नहीं मिला।
प्रतिनिधि सूची में अपनाई पिक एंड चूज की नीति
पंडिता ने कहा कि विस्थापितों की प्रतिनिधि सूची तैयार करने में कोई सहायता नहीं ली गई। इसे बनाने में पिक एंड चूज की नीति अपनाई गई। अल्पसंख्यक लोगों से पूछा तक नहीं गया। विस्थापितों ने कहा कि सूची में उन लोगों का भी नाम शामिल है जिनके क्वार्टरों में कई वर्षों से ताला लगा है। इन्हीं कारणों से प्रतिनिधि सूची को खारिज किया गया। अगर राहत विभाग जगती प्रवासी टाउनशिप में निर्वाचित प्रतिनिधियों को बनाता है तो प्रदेश के चुनाव आयोग को चुनाव करवाने के लिए कहा जाए।