भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तथा रियासत में गठबंधन सरकार के सूत्रधार राम माधव ने संकेत दिए हैं कि एनएचपीसी से राज्य को पावर प्रोजेक्टों की वापसी में दिक्कत आ सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार के एजेंडे के मुताबिक रियासत सरकार की ओर से इस मसले पर केंद्र सरकार से चर्चा की प्रक्रिया लगातार जारी है।
मंगलवार को श्रीनगर में उन्होंने पावर प्रोजेक्टों की वापसी पर पार्टी के समर्थन का कोई सीधा जवाब देने की बजाय कहा कि आम सहमति बनाने के लिए बातचीत चल रही है ताकि राज्य को इसका फायदा मिले और केंद्र को भी नुकसान न होने पाए।
पीडीपी सांसद तारिक हामिद कर्रा की ओर से हाल ही में केंद्र की ओर से घोषित बाढ़ पैकेज को मजाक बताते हुए पार्टी को गठबंधन तोड़ने की सलाह देने संबंधी पत्रकारों के सवाल पर राम माधव ने कहा कि केंद्र से बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए और अधिक फंड की आशा करने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास की दिशा में हर संभव मदद करेगा।
इसके पूर्व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने आश्वस्त किया कि सीएमपी में शामिल मुद्दों (अफस्पा, एनएचपीसी तथा अनुच्छेद 370) पर सरकार काम करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां सरकार के खिलाफ साजिश करने में जुटी हुईं हैं। कार्यकर्ताओं को सरकार तथा जनता के बीच सेतु के रूप में काम करना होगा जिससे ऐसे तत्वों के मंसूबे ध्वस्त हो सकें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि रियासत की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए केंद्र सरकार और अधिक फंड देगी।
सरकार छह साल का कार्यकाल पूरा करेगी
राम माधव ने कहा कि रियासत सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। कहा कि गठबंधन सहयोगी पीडीपी के साथ किसी प्रकार के मतभेद नहीं हैं। दोनों पार्टियां आपसी सहयोग तथा समन्वय के साथ काम कर रहीं हैं। राम माधव ने इस दौरान कहा कि किसी भी सरकार से जनता को अपेक्षाएं होती हैं और यह सरकार के लिए अच्छा भी है। गठबंधन सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।