स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल डुल्लू ने कोविड से लड़ने के लिए पांच आयामी रणनीति के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया है। इसमें परीक्षण, नियंत्रण, आइसोलेशन, उपचार, कोविड उपयुक्त व्यवहार और टीकाकरण पर काम किया जाएगा। वित्तीय आयुक्त ने शनिवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कोविड परिदृश्य की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से परीक्षण और कोविड टीकाकरण में तेजी लाने, परीक्षण सकारात्मक दर में वृद्धि के अध्ययन करने और उचित उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि हमें अपने सभी प्रयासों को सभी स्तरों पर तैयार करना होगा। प्रत्येक जिले में परीक्षण सकारात्मकता दर को नीचे लाना होगा। ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने की आवश्यकता है जो अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाएंगे।
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उन्होंने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्टिंग के परिणामों में देरी नहीं होनी चाहिए। जीएमसी में प्रतिदिन 2000 परीक्षण किए जाएं। 127 कंटेनमेंट जोन में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें और परीक्षण को बढ़ाया जाए। प्रत्येक एक संक्रमित व्यक्ति पर 20 संपर्क मामलों को देखा जाए। होम आइसोलेशन मरीजों की निगरानी बढ़ाई जाए।
कोबास टेस्टिंग मशीनें स्थापित होंगी
प्रदेश के प्रमुख अस्पतालों में जल्द स्टेट ऑफ आर्ट कोबास -6800 टेस्टिंग मशीनें स्थापित होंगी। प्रदेश में 600 वेंटिलेटर हैं जिनमें मौजूदा 48 पर मरीज भर्ती हैं। लेवल 1 कोविड के 6000 बेड उपलब्ध हैं और 10 हजार बल्कि ऑक्सीजन सिलेंडर और 3500 मीडियम स्तर के सिलेंडर हैं। 36 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट में से इस हफ्ते के अंत तक 23 के स्थापित होने की उम्मीद है, जिससे 2000 अतिरिक्त ऑक्सीजन बेड की क्षमता बढ़ जाएगी।