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J&K: पत्नी पर ढाया जुल्म, ससुराल वाले भी करते रहे प्रताड़ित, फिर छोड़ कर चला गया सऊदी अरब, अब देना होगा खर्च

Sun, 24 Nov 2024 12:46 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू की एक अदालत ने एक पति को अपनी पत्नी को हर महीने 6,000 रुपये देने का आदेश दिया है। पत्नी ने आरोप लगाया था कि पति ने उसे छोड़ दिया और सऊदी अरब में नौकरी करने लगा,लेकिन वह उसकी आर्थिक मदद नहीं करता है,पति को हर महीने की 10 तारीख तक देना होगा पैसे।
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(सांकेतिक) - फोटो : ANI
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विस्तार
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पारिवारिक न्यायालय जम्मू ने पत्नी को छोड़कर कमाने सऊदी अरब गए पति को भरण-पोषण के लिए अनुदान राशि देने का आदेश दिया है। पति पर आरोप है कि वह पत्नी से संपर्क नहीं रखता है। पत्नी की दैनिक बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं भेजता है। इसके अलावा ससुराल वाले भी उसे प्रताड़ित करते हैं।

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मामले में अदालत ने पत्नी की याचिका पर सुनवाई करते हुए पति को भरण-पोषण के लिए 6,000 रुपये प्रति माह देने का आदेश दिया है। शहर निवासी अस्मा बुखारी ने 2 अप्रैल 2024 को पारिवारिक न्यायालय में भरण-पोषण अनुदान के लिए याचिका दायर की थी। इसमें बताया कि मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार शादी 13 अक्टूबर 2022 को पुंछ निवासी एजाज हुसैन के साथ हुई थी।शादी के कुछ समय बाद तक दोनों में सबकुछ ठीक चला। फिर धीरे-धीरे एजाज का रवैया बदलने लगा। वह दहेज के लिए मारपीट करने लगा।कुछ समय बाद अस्मा को छोड़कर नौकरी करने सऊदी अरब चला गया। इसके बाद अस्मा पूरी तरह से सास और देवर पर निर्भर हो गई। उन्होंने अस्मा को पर्याप्त भोजन और एजाज से बात करवाना बंद कर दिया।

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इस प्रताड़ना के चलने अस्मा की तबियत खराब हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान भी ससुराल वालों ने उसकी कोई आर्थिक मदद नहीं की। इलाज का खर्चा अस्मा के छोटे भाई ने उठाया। अस्मा ने जब इलाज के खर्चे के लिए पति से बात करने की मांग ससुराल वालों के सामने रखी, तो देवर ने मारपीट की। साथ ही तलाक दिलवाने की भी धमकी दी। 

एजाज के खिलाफ घरेलू हिंसा का भी मामला दर्ज
अस्मा का कहना है कि एजाज सऊदी अरब में 80,000 रुपये प्रति माह कमाता है, लेकिन वह यहां बदहाली में जीने को मजबूर है। न तो वह बात करता है और न ही भरण-पोषण के लिए पैसे भेजता है। अस्मा ने एजाज के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज करा रखा है, जो न्यायालय में विचाराधीन है। फिलहाल वह अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। 

दो अप्रैल 2024 से करना होगा भुगतानमामले में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय जम्मू प्रेम सागर ने अस्मा के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने एजाज को आदेश दिया है कि हर महीने की 10 तारीख तक भरण-पोषण के लिए 6,000 रुपये का भुगतान करे। भुगतान याचिका दायर करने की तिथि यानी कि 2 अप्रैल, 2024 से देना होगा।
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