इस प्रताड़ना के चलने अस्मा की तबियत खराब हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान भी ससुराल वालों ने उसकी कोई आर्थिक मदद नहीं की। इलाज का खर्चा अस्मा के छोटे भाई ने उठाया। अस्मा ने जब इलाज के खर्चे के लिए पति से बात करने की मांग ससुराल वालों के सामने रखी, तो देवर ने मारपीट की। साथ ही तलाक दिलवाने की भी धमकी दी।
एजाज के खिलाफ घरेलू हिंसा का भी मामला दर्ज
अस्मा का कहना है कि एजाज सऊदी अरब में 80,000 रुपये प्रति माह कमाता है, लेकिन वह यहां बदहाली में जीने को मजबूर है। न तो वह बात करता है और न ही भरण-पोषण के लिए पैसे भेजता है। अस्मा ने एजाज के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज करा रखा है, जो न्यायालय में विचाराधीन है। फिलहाल वह अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है।
दो अप्रैल 2024 से करना होगा भुगतानमामले में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय जम्मू प्रेम सागर ने अस्मा के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने एजाज को आदेश दिया है कि हर महीने की 10 तारीख तक भरण-पोषण के लिए 6,000 रुपये का भुगतान करे। भुगतान याचिका दायर करने की तिथि यानी कि 2 अप्रैल, 2024 से देना होगा।