रियासत के सड़क मार्ग का स्तर ऊंचा करने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) में वृद्धि करने पर सहमति जताई है। जम्मू-कश्मीर सरकार को पूरा समर्थन देने का आश्वासन देते हुए गडकरी ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए सीआरएफ में वृद्धि करते हुए 480 करोड़ रुपये देने की बात कही।
साथ ही पहले से ही जमा 13 परियोजनाओं के अलावा अन्य की विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा। रियासत के आरएंडबी मंत्री सैयद मोहम्मद अल्ताफ बुखारी ने गडकरी से नई दिल्ली में मिलकर रियासत की सड़कों के लिए केंद्रीय मदद मांगी। उनके साथ तीन सांसद फैयाज अहमद मीर, नजीर अहमद लवाय और शमशेर सिंह मन्हास के अलावा पब्लिक वर्क्स के राज्यमंत्री सुनील कुमार शर्मा भी थे।
बुखारी ने फोर लेन नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने के अलावा जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को अपग्रेडेशन करने पर भी दबाव डाला। मुगल रोड और रियासत की अन्य मुख्य सड़कों को नेशनल हाईवे का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने मुगल रोड पर पीर की गली में सुरंग बनाने के अलावा सिंहपोरा-वैलू टनल, लोलाब-बांडीपोरा टनल और शुद्धमहादेव टनल बनाने को मंजूरी देने की अपील की।
इन टनलों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार के पास पहले ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। गडकारी ने इन परियोजनाओं पर विचार करने का आश्वासन दिया। मंत्री बुखारी ने सोपोर ब्रिज और परीमपोर से नरवाल रोड के धीमे कार्य का मुद्दा उठाया और इस कार्य को बार्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) से करवाने की मांग की।
इसके अलावा पूर्व में पारित परियोजनाओं के अलावा 197 करोड़ की बसोहली-बनी-भद्रवाह रोड को मंजूरी देने का आग्रह किया। इसके अलावा बनिहाल-रामबन सेक्शन और रामबन-उधमपुर सेक्शन का काम शुरू करवाने को कहा, जिसके लिए केंद्र सरकार ने पहले ही फंड को मंजूरी दे दी है।