जम्मू-कश्मीर पुलिस घाटी में सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर आतंकियों के खिलाफ संयुक्त अभियान जारी रखे हुए हैं। बीते 12 दिनों सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के हैदरपोरा और रामबाग समेत घाटी के विभिन्न जिलों में हुई मुठभेड़ों में 13 आतंकी और इनके मददगारों को मार गिराया है। इससे बौखलाए आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने अपने कश्मीर फाइट ब्लॉग के जरिए पुलिसकर्मियों के परिवारों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
इस ब्लॉग में लिखा गया है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों के परिवारों को तंग करने के अलावा अब स्थानीय लोगों को भी मारना शुरू किया है। खुद इन पुलिसकर्मियों के परिजन इस सब पर खामोश हैं, जिससे जाहिर होता है कि वह उनका समर्थन करते हैं। ब्लॉग में यह भी लिखा है कि आजतक इन पुलिसकर्मियों के परिवारों से छोड़ा जाता रहा है, लेकिन अब उनके सफाए के लिए पूरा अभियान चलाया जाएगा। आतंकी संगठन ने धमकी दी है कि अब इन पुलिसकर्मियों के हाथ में है कि वे अपने परिवारों को कैसी जिंदगी देंगे।
आवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पीपुल्स एलाइंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन के सदस्य मुजफ्फर शाह के अनुसार हर एक प्रयास जिसमें कि आम नागरिक का खून बहने से रोका जाए, वह किया जाना चाहिए। दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता अल्ताफ ठाकुर के अनुसार जम्मू-कश्मीर पुलिस घाटी की सुरक्षा में एक अहम भूमिका निभाती है और आतंकियों के ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा।