फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: स्टार्टअप कौशल को दे रहा धार, खुल रहे रोजगार के द्वार, दो साल के भीतर 400 से अधिक पंजीकृत

Mon, 09 Jan 2023 01:06 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर

सार

घाटी में सरकारी विभाग स्थानीय युवाओं के कौशल को स्टार्टअप के माध्यम से निखारने का प्रयास कर रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि सैकड़ों युवाओं को रोजगार हासिल हो रहा है।
विज्ञापन
स्टार्टअप - फोटो : प्रतीकात्मक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर के युवा अब सरकार की स्टार्टअप योजना में रुचि दिखा रहे हैं। प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में 400 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत किए गए हैं। ई-कॉमर्स, बागवानी, कृषि, खाद्य उद्योग और हस्तशिल्प आदि प्रमुख क्षेत्र हैं, जिनमें रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं।

विज्ञापन


घाटी में सरकारी विभाग स्थानीय युवाओं के कौशल को स्टार्टअप के माध्यम से निखारने का प्रयास कर रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय व्यवसाय को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि सैकड़ों युवाओं को रोजगार हासिल हो रहा है। कश्मीर में सबसे सफल स्टार्टअप फास्ट बीटल (कूरियर सेवा) और डोर-टू-डोर डिलीवरी है, जो कारीगरों की मदद करने और उन्हें लोगों के साथ जोड़ने के लिए मदद करती है। घाटी में फास्ट बीटल कंपनी 2019 में आबिद राशिद और समीउल्लाह ने शुरू की थी। इस समय कंपनी के पास 110 कर्मचारी काम कर रहे हैं।

आबिद राशीद के अनुसार कश्मीर में स्टार्टअप की संभावनाएं बहुत हैं। हमारी यात्रा कठिन थी, लेकिन इसे जारी रखा। हमने देखा कि देश भर में ऐसे लोग हैं जो जम्मू-कश्मीर में स्टार्टअप के लिए निवेश करने के इच्छुक हैं। हमें विकास के लिए राशि की जरूरत थी और यह निवेश से आसानी से मिल गई। सरकार को उन लोगों के लिए एक ही सिंगल विंडो सिस्टम रखने की जरूरत है, जो नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं। युवाओं को केवल सरकार पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है, बल्कि निजी निवेशकों की भी तलाश होनी चाहिए। 
विज्ञापन


आबिद ने कहा, एक स्टार्टअप एक कंपनी का निर्माण कर रहा है और इसे 10-एक्स गति से बढ़ाने की जरूरत है। स्टार्टअप को पहले चार-पांच महीनों के भीतर वित्त की जरूरत होती है, ताकि वह आगे बढ़ सके। सरकार के साथ प्रक्रिया में देरी हो रही है और इसमें समय लगता है। उनकी मांग है कि एक सिंगल विंडो या समिति होनी चाहिए जो इसे तेजी से संसाधित कर सके।

डेढ़ साल पहले कश्मीर एंजेल नेटवर्क की स्थापना की गई थी, जिसके नेटवर्क में एक दर्जन से अधिक निवेशक हैं। ये निवेशक क्षेत्र में स्टार्टअप के लिए आर्थिक मदद कर रहे हैं। पहले युवाओं को दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में निवेशकों तक पहुंचना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर विकल्प उपलब्ध हैं। एंजेल नेटवर्क के चेयरमैन शबीर हंडू ने कहा, कश्मीर एंजेल नेटवर्क इस क्षेत्र में अपनी तरह की पहली कंपनी है। इसे जुलाई 2021 में शुरू किया गया था, जिसमें एक मंच को बढ़ावा देने का विचार था। इस मंच से निवेशकों को स्टार्टअप और स्टार्टअप करने वालों को वित्तीय सहायता मिल पाएगी। हम मेंटरशिप और इंक्यूबेशन सुविधाएं और मूल्यांकन भी देते हैं। 

टिफिन आव एक सफल स्टार्टअप
‘टिफिन आव’ यानी ‘भोजन आया’ एक सफल स्टार्टअप है। घर में खाना पकाकर कॉलेजों और अस्पतालों में परोसने के उद्देश्य के साथ 2019 में इसे स्थापित किया गया था। इसके संस्थापक रईस अहमद का कहना है कि स्टार्टअप ने जम्मू-कश्मीर के बेरोजगारी के मुद्दे को बड़े पैमाने पर रोका है। टिफिन आव में उनके साथ काम करने वाले एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारी हैं। उन्होंने अपनी घर की रसोई से इसकी शुरुआत की। कई स्टार्टअप हैं जिन्हें 3-4 साल बाद भी फंडिंग की जरूरत होती है। प्रक्रिया में छह महीने से एक वर्ष तक का समय लगता है।

हर स्टार्टअप 50 से 100 युवाओं को दे रहा रोजगार
जम्मू-कश्मीर सरकार विभिन्न क्षेत्रों में खुद का कारोबार शुरू करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है। जम्मू-कश्मीर इंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ इरतिफ लोन ने कहा, स्टार्टअप का प्रमुख हिस्सा बागवानी या ई-कॉमर्स से आता है, जहां वे कारीगरों को सहायता प्रदान करते हैं। आज बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले लोगों की एक बड़ी संख्या लौट रही हैं और ये लोग खुद का काम शुरू कर रहे हैं। प्रत्येक स्टार्टअप कम से कम 50-100 युवाओं को रोजगार प्रदान कर रहा है। सरकार इसमें हस्तक्षेप कर रही है। इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। केंद्र शासित प्रदेश में लगभग एक दर्जन इंक्यूबेशन सेंटर हैं। 12 लाख रुपये का अनुदान है, जो स्टार्टअप को प्रदान किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें