स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल ने कश्मीर में भारत-स्पेन के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने की घोषणा की, 2025-26 में विशेष पहल शुरू करने का एलान किया।
जम्मू एवं कश्मीर में स्पेन के राजदूत जुआन एंटोनियो मार्च पुजोल ने कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य भारत और स्पेन के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना है। उन्होंने यह जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच सहयोग में 2025 में कुछ प्रगति की जाएगी, लेकिन उन्होंने आशा व्यक्त की कि 2026 में इसे अधिक तीव्रता से विकसित किया जाएगा।
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राजदूत ने कश्मीर के महत्व पर जोर देते हुए कहा, कश्मीर एक बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो सदियों से एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। हमें आपकी सांस्कृतिक धरोहर पर बहुत ध्यान देना चाहिए। कश्मीर को पृथ्वी का दूसरा स्वर्ग कहा जाता है। कश्मीर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विशेषताएं इसे एक अनोखा स्थल बनाती हैं, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है।
मार्च पुजोल ने यह भी कहा कि सांस्कृतिक सहयोग के माध्यम से, दोनों देशों के बीच आपसी समझ और संबंधों को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति की विविधता और गहराई की सराहना की और इसे स्पेन की संस्कृति के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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इस यात्रा के दौरान, उन्होंने स्थानीय सांस्कृतिक संगठनों और कलाकारों के साथ बैठकें करने की योजना बनाई है, जिससे कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जा सके। स्पेन और भारत के बीच संबंधों को और गहरा करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल सांस्कृतिक बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी लाभकारी होगा। राजदूत की यह पहल जम्मू एवं कश्मीर की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के लिए एक सकारात्मक संकेत है।