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सैन्य टूर पर गईं कश्मीरी छात्राओं की सोशल साइट पर आलोचना

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सैन्य टूर पर जाने वाली स्कूली छात्राओं के अभिभावकों को दुखतरन-ए-मिल्लत की प्रमुख ने धमकी दी है। सेना की ओर से प्रायोजित दस दिन के टूर पर गई लड़कियों पर संगठन की प्रमुख आशिया अंद्राबी ने कहा कि वह छात्राओं के अभिभावकों को अपील नहीं कर रही, बल्कि उन्हें चेतावनी दे रही है कि ऐसी गतिविधियों में वह शामिल न हों।
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उल्लेखनीय है कि सेना की ओर से कश्मीरी छात्राओं के लिए दस दिन का टूर प्रायोजित किया गया था। इसमें कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करने के अलावा उन्हें संसद दिखाई गई।

इसके अलावा देश के राष्ट्रपति से भी उन्हें मिलवाया गया। हालांकि छात्राओं का यह टूर अलगाववादी सोच रखने को वालों को रास नहीं आया और इसकी आन लाइन आलोचना शुरू हो गई।
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एक फेसबुक यूजर ने ऐसा कमेंट किया। उसने दोबारा एक ग्रुप फोटो शेयर की, जिसमें उसने एक और लड़कियों की टूर की फोटो और दूसरी तरफ लड़कों के जनाजों की फोटो शेयर की। दूसरे यूजर ने कश्मीरी में लिखा बाया येली येमन ती घर मंज मार ना कन्ह तेली तारी येमन ती फिकरी( जब उनका कोई अपना मारा जाएगा, तब उन्हें समझ आएगा)।

दूसरे यूजर ने लिखा कि कश्मीरियों में कोई अंतर नहीं है। मुझे माफ करना लेकिन हम सब एक हैं। लीडर्स, लोग, युवा, बुजुर्ग, आदमी, औरतें। एक ही दर्द सबको महसूस होता है। जब उनका कोई अपना शहीद हो जाता है।

इन लड़क‌ियों के सपोर्ट में उतरे कई लोग

इन लड़कियों के सपोर्ट में भी कुछ लोग आकर खड़े हुए। एक महिला फेसबुक यूजर ने लिखा कि ये लिंग भेदभाव की लड़ाई है? अगर ये ही सच्चाई है तो खुद से पूछो ये क्यों हो रहा है? आप उनकी व्यक्तिगत आजादी को नहीं छिन सकते हो, और फिर आप उम्मीद करते हो कि वो इसे स्वतंत्र इस्लामिक स्टेट बनाने में आपका समर्थन करें।

तभी वास्तविक पोस्ट करने वाले यूजर ने लिखा कि वो इसका समर्थन कर सकती हैं, लेकिन कश्मीर के लोग इसे नहीं सहन कर सकते हैं। अगर ये आर्मी का टूर नहीं होता तो तब कोई दिक्‍कत नहीं थी।

लेकिन सेना यहां पर मासूम लड़कों को बुरी तरह से पिटती है, तुम ये अच्छी तरह से जानती हो, ये किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला नहीं है, बल्कि हमारे संस्कृति का मामला भी है।
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आसिया अंद्राबी की चेतावनी को किया था दरकिनार

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घृणात्मक मैसेज का मामला अभी तक हमारी नजर में नहीं आया है। आईजी कश्मीर एसजेएम गिलानी ने कहा कि अब जब हमें पता चला है तो कानून के मुताबिक ऐसे लोगों पर कार्यवाही की जाएगी।

श्रीनगर के कई स्कूलों की 30 लड़कियां आर्मी द्वारा स्पांसर 10 दिन के टूर पर 5 दिसंबर को दिल्‍ली गई थी। इन लड़कियों ने अलगाववादी संगठन दुख्तरन-ए-मिल्लत की चीफ आसिया अंद्राबी की चेतावनी को दरकिनार किया था।

अंद्राबी ने लड़कियों के परिजनों से कहा था कि इसे मेरी अपील नहीं चेतावनी समझ जाए, अपनी लड़कियों को इस टूर पर ना भेजें। ये लड़कियां 10 दिन के टूर पर दिल्‍ली में है जहां वे देश के राष्ट्रपति और संसद का भी दौरा करेंगी।
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