रियासत में बुधवार को दिन एक परिवार के लिए शायद अब तक का सबसे खुशी का दिन था। उस परिवार की सालों पहले खोई खुशियां जब अचानक से 32 सालों बाद दहलीज पर दस्तक दी तो किसी को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो पा रहा था।
सामने दिख रहे उस सच को स्वीकार करने में कुछ पल मानों वहीं ठहर सा गया था। इस मौके पर खुशी से पागल परिवार के हर सदस्य का चेहरे से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे।
चलिए अब हम आपकों पूरी कहानी से रू-ब-रू कराते हैं। दरअसल जम्मू कश्मीर के नगरोटा इलाके में पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को सवेंदनशील इलाके में मंडराते देखा। सुरक्षाकर्मियों ने फौरन युवक को हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी।
युवक ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो सुरक्षाबलों के भी होश उड़ गए। पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम बशीर अहमद है। वो रामबन के पोगल तहसील के मालीगाम इलाके का रहने वाला है। उसने बताया कि जब वो सिर्फ 18 सालों का था तो उसने अपना घर छोड़ दिया था।
उसके बाद वो कभी वापस लौट के नहीं आया। यहां से जाने के बाद उसके पंजाब में बाबा लोगों का साथ पकड़ लिया और उन्हीं के साथ रहने लगा था। नगरोटा पुलिस ने उसके परिजनों को खोज कर उसे उन्हें सौंप दिया। इतने सालों बाद अपने खून से मिलकर परिवार का हर सदस्य खुशी से पागल नजर आ रहा था।