श्रद्धालुओं को करना पड़ा परेशानियों का सामना
घोड़ा, पिट्ठू तथा पालकी वालों के हड़ताल पर जाने से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पैदल ही यात्रा करनी पड़ी। बुजुर्ग, महिलाओं तथा बीमार श्रद्धालुओं को वैष्णो देवी यात्रा के दौरान परेशानियां झेलनी पड़ीं। हालांकि भवन मार्ग पर अर्धकुंआरी से भवन तक श्रद्धालुओं को बैटरी कार सेवा उपलब्ध रही तो दूसरी ओर हेलिकॉप्टर सेवा भी चलती रही।
कटड़ा बस स्टैंड पर किया प्रदर्शन
बंद के पहले दिन भवन मार्ग पर पंचायत पुराना दारूड व्यापार मंडल कमेटी के सदस्यों के साथ ही ग्रामीण तथा मजदूर आदि हजारों की संख्या में एकत्रित होकर भवन मार्ग पर रोपवे परियोजना तथा श्राइन बोर्ड के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। जुलूस की शक्ल में प्रदर्शनकारी चरण पादुका मंदिर क्षेत्र से होकर बाणगंगा क्षेत्र, बाण गंगा मार्ग, प्राचीन दर्शन डियोडी क्षेत्र, अप्पर बाजार, मुख्य बाजार आदि से होकर कटड़ा के मुख्य बस स्टैंड के श्रीधर चौक पर पहुंचे। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने श्राइन बोर्ड के साथ ही रोपवे परियोजना के विरुद्ध नारेबाजी की। प्रदर्शन सुबह से शाम करीब चार बजे तक जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा-बात नहीं बनी तो परिवार के साथ धरना देंगेइसी बीच कटड़ा मुख्य बस स्टैंड पर आने वाले वाहनों को एक साइड से निकाला जा रहा था, जिसके चलते लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान वरिष्ठ अफसरों के साथ सुरक्षा बल मौजूद रहे। इसी बीच पंचायत पुराना दारूड व्यापार मंडल कमेटी के सदस्य डॉ. करण सिंह, सोहन सिंह, करण सिंह, विक्रम सिंह, रमन सिंह, सुदर्शन सिंह, ओंकार सिंह, जोगिंदर सिंह, रणजीत सिंह, सिंदूर सिंह, नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में रोपवे परियोजना मां वैष्णो देवी के ताराकोट मार्ग पर लागू होने नहीं दी जाएगी।
यह न सिर्फ मां वैष्णो देवी की आस्था के साथ खिलवाड़ है बल्कि इससे व्यापारियों को भी खासा नुकसान होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिन में सरकार या बोर्ड प्रशासन ने हमारे साथ बात नहीं की तो वे सभी परिवार सहित धरने पर बैठेंगे। सभी मजदूर अपने घोड़े, पालकी आदि यात्रामार्ग पर बांधकर मार्ग बंद कर धरना देंगे।