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J&K: पंचायत चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज, इस बार बहिष्कार नहीं, नेकां, भाजपा, कांग्रेस और पीडीपी आमने-सामने

Wed, 20 Nov 2024 02:32 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की सफलता के बाद पंचायत चुनाव के लिए सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं, जिसमें नेकां, भाजपा, कांग्रेस और पीडीपी आमने-सामने होंगे, और 65 लाख से अधिक मतदाता सरपंच और पंच चुनेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव की सफलता के बाद पंचायत चुनाव के लिए सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। 2018 के पंचायत चुनाव में मौजूदा सत्तापक्ष में नेकां ने चुनाव का बहिष्कार किया था। इसमें विपक्ष में पीडीपी ने भी बहिष्कार का सहारा लिया था। हालांकि, ये चुनाव गैर राजनीतिक स्तर पर थे, लेकिन इनमें राजनीतिक समर्थन का प्रभाव भी साफ दिखा था। चूंकि इस बार विधानसभा चुनाव में नेकां सर्वाधिक 42 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। ऐसे में पंचायत चुनाव में नेकां के साथ विपक्ष में भाजपा, कांग्रेस और पीडीपी के बीच मुख्य तौर पर सियासी घमासान होने के आसार हैं।

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2018 के पंचायत चुनाव के नौ चरण में जम्मू संभाग में 83..5 प्रतिशत तक वोट पड़े थे, जबकि कश्मीर संभाग में यह प्रतिशत 44.4 ही रहा था। जम्मू-कश्मीर में कुल 74 फीसदी मतदान हुआ था। विधानसभा चुनाव में जीतकर सत्ता संभालने के बाद नेकां कश्मीर के साथ जम्मू संभाग पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। विधानसभा चुनाव में नेकां को जम्मू संभाग में भाजपा के गढ़ वाले क्षेत्रों में अधिक सफलता नहीं मिल पाई थी।

अब पार्टी यहां लोगों के बीच पहुंचकर पंचायत चुनाव में भरपाई पूरी करने की कोशिश कर रही है। उधर, भाजपा ने आगामी चुनावों के मद्देनजर पूरा जोर पार्टी के सदस्यता अभियान पर दिया है। कांग्रेस तथ्य जांच समिति की रिपोर्ट के बाद संगठन में फेरबदल करने की तैयारी कर रही है, ताकि पंचायत चुनाव में नए चेहरों को सामने लाकर प्रदर्शन बेहतर बनाया जा सके।

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नेकां की कश्मीर और जम्मू में समानकाम करने की प्रतिबद्धता : रतन लाल
नेकां के संभागीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता का कहना है कि हमारी पार्टी लोगों की सेवा के लिए बनी है। हम कश्मीर और जम्मू को एक समान मानते हैं। हम आगामी पंचायत चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की नीतियों के साथ जोड़ा जाएगा।

पंचायत चुनावों में भाजपा का वोटशेयर और बढ़ेगा : सत शर्मा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि हमारा ध्यान सदस्यता अभियान पर है। इसमें आम कार्यकर्ता के साथ शीर्ष नेतृत्व जुटा हुआ है। हमने विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया है। उम्मीद है कि पंचायत चुनाव में अपना वोट शेयर और बढ़ाएंगे।

पार्टी को मजबूत बनाएंगे : कर्राकांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा का कहना है कि हम पार्टी को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। पार्टी की तथ्य जांच समिति विधानसभा चुनाव में हार के कारणों के तथ्य जांचने पर काम कर रही है। हम चाहते हैं कि आगामी चुनाव में पार्टी के भीतर कमियों को दूर किया जाए।

65 लाख से अधिक मतदाता चुनेंगे सरपंच, पंच
जम्मू-कश्मीर में 4291 पंचायतें हैं। इसमें प्रत्येक पंचायत पर एक सरपंच होता है। इसी तरह 33597 पंच मतदान प्रक्रिया के तहत चुने जाते हैं। जम्मू संभाग के लिए जिला उधमपुर में 236, रामबन में 143, पुंछ में 229, डोडा में 237, कठुआ में 257, किश्तवाड़ में 136, सांबा में 101, रियासी में 153, राजोरी में 312, जम्मू में 305 पंचायतें हैं। इसी तरह कश्मीर संभाग के जिला कुपवाड़ा में 385, शोपियां में 98, गांदरबल में 126, बांदीपोरा में 151, पुलवामा में 190, श्रीनगर में 21, अनंतनाग में 335, बडगाम में 296, बारामुला में 402 और कुलगाम में 178 पंचायतें हैं। 65 लाख से अधिक मतदाता सरपंच और पंच चुनेंगे।
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मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रमजारी, 23, 24 से विशेष शिविर
राज्य चुनाव आयोग की ओर से पंचायत मतदाता सूची 2025 के लिए संशोधित प्रक्रिया जारी है। इसमें छह जनवरी, 2025 को अंतिम मतदाता सूची जारी करना प्रस्तावित है। नौ दिसंबर तक मतदाता सूची में जोड़ना, हटाना, सुधार, परिवर्तन के लिए दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। मतदाताओं की सुविधा के लिए 23 व 24 नवंबर के बाद 30 नवंबर तथा एक दिसंबर को विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। दावों और आपत्तियों का निपटान 23 दिसंबर को ईआरओ द्वारा किया जाएगा। ओबीसी आयोग की ओर से भी ओबीसी आरक्षण पर काम किया जा रहा है। अगले साल के शुरू में ही पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं।
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