पिछले साल की तरह इतिहास दोहराने के उद्देश्य से वीरवार को बिलासपुर में नार्थ जोन विजय हजारे ट्राफी में जेएंडके की टीम मैदान में उतरेगी। दिल्ली के खिलाफ पहले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के लिए राज्य की टीम ने अभ्यास में कड़ा पसीना बहाया है।
टीम के कप्तान परवेज रसूल का कहना है कि अभ्यास करने का समय कम मिला है, लेकिन टीम अच्छा प्रदर्शन करने में जरूर सफल होगी। इस प्रतियोगिता में जेएंडके पांच मुकाबले खेलेगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल रणजी ट्राफी में जेएंडके ने क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया था। बिलासपुर से कप्तान रसूल का कहना है कि हर किसी टीम को घरेलू मैदान का काफी लाभ मिलता है।
बेदी के बजाय जोशी हैं इस बार कोच
बिशन सिंह बेदी के बाद चीफ कोच सुशील जोशी के नेतृत्व में टीम के रणजी में उतरने पर रसूल ने कहा कि कोच की ओर से टीम को बेहतर मार्ग दर्शन मिलता रहा है। बेदी के बाद जोशी भी अपने सभी अनुभव क्रिकेटरों के साथ बांट रहे हैं।
उम्मीद है कि बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब होंगे। दूसरे मैदानों पर कोचिंग करने पर रसूल ने कहा कि इससे क्रिकेटरों को बेहतर प्लेटफार्म मिलता है। उन्हें दूसरे मैदानों पर खेलने का अनुभव होता है।
उन्होंने कहा कि अगर जेएंडके को घरेलू मैदान पर खेलने का मौका मिला तो ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव एमएल नेहरू का कहना है कि टीम विजय हजारे ट्राफी और आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
बीसीसीआई टीम का आना प्रस्तावित
जेएंडके की टीम छह नवंबर को बिलासपुर में दिल्ली, आठ नवंबर को बिलासपुर में सर्विस, 10 नवंबर को अटल बिहारी बाजपेयी स्टेडियम नौदन में पंजाब, 12 नवंबर को हिमाचल प्रदेश और 14 नवंबर को इसी मैदान पर हरियाणा के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की का कहना है कि बाढ़ से तबाह हुए रियासत के क्रिकेट मैदानों का जायजा लेने के लिए बीसीसीआई टीम का अगले हफ्ते आना प्रस्तावित है।
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। स्टेडियम में फिलहाल सेंट्रल विकेट ही तैयार किया जा सका है। आउटर मैदान की हालत खराब है। इसी तरह जम्मू के मैदानों को भी नुकसान पहुंचा है। बीसीसीआई की टीम बाढ़ से प्रभावित हुए मैदानों की रिपोर्ट देगी।