जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के उपाध्यक्ष ओमर अब्दुल्ला ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत पर टिप्पणी की है। ओमर अब्दुल्ला ने आज कुलगाम में एक बयान में कहा, 'अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलने पर बधाई। जेल से बाहर आना केवल कोर्ट के माध्यम से संभव होता है। यह लोगों के साथ एक प्रकार की धोखाधड़ी है, विशेषकर बारामुला के लोगों के साथ। उन्हें बताया गया था कि वे वोट के माध्यम से किसी को भी बाहर निकाल सकते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई भी व्यक्ति वोट के माध्यम से नहीं बल्कि कोर्ट के माध्यम से ही बाहर आ सकता है।'
यह बयान उस समय आया जब दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल को जमानत मिली और वे जेल से बाहर आए। ओमर अब्दुल्ला ने जमानत मिलने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि न्याय की प्रक्रिया केवल अदालत के माध्यम से ही संपन्न होती है, न कि राजनीतिक या चुनावी वोटों के माध्यम से।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों में जम्मू और कश्मीर में कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर चर्चाएं और विवाद होते रहे हैं, और ओमर अब्दुल्ला का यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओमर अब्दुल्ला के बयान ने क्षेत्रीय राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दिया है और यह संकेत दिया है कि न्याय की प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों की अहमियत को लेकर राजनीति में और अधिक स्पष्टता की आवश्यकता है।