57 कनाल भूमि पर बनेगा कॉलेज, 52.68 करोड़ की डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी
जम्मू-कश्मीर होम्योपैथिक कॉलेज और सहायक अस्पताल का निर्माण कठुआ जिले के राजबाग से सटे रख होशियारी में किया जा रहा है। फिलहाल इसके लिए 57 कनाल जमीन पर चहारदीवारी का काम पूरा कर लिया गया है। 52.68 करोड़ की डीपीआर मंजूरी के लिए भेज दी गई है। अस्पताल में अकादमिक ब्लॉक, अस्पताल ब्लॉक और दो हॉस्टल होंगे। आयुष निदेशक डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में 46 पदों को वित्तीय मंजूरी मिली है। तीन साल में यह होम्योपैथी कॉलेज और सहायक अस्पताल पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। इसमें 120 पदों की जरूरत है।
शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में नहीं भटकेंगे प्रदेश के भावी डॉक्टरनोडल अधिकारी डॉ. बीआर डब्ब का कहना है कि मौजूदा समय में हर साल 200 से अधिक विद्यार्थी होम्योपैथी की शिक्षा लेने के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के निजी मेडिकल कॉलेजों में जा रहे हैं। यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने से विद्यार्थियों को अपने प्रदेश में ही होम्योपैथी की शिक्षा मिल सकेगी।
होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में पहले बैच को शीघ्र शुरू करने के लिए आयुष मंत्रालय से स्वीकृति प्रदान करवाने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का आभार। यह उत्तर भारत का पहला होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल होगा। मैं व्यक्तिगत रूप से जसरोटा निर्वाचन क्षेत्र और जिला कठुआ के सभी नागरिकों को बधाई देता हूं।
राजीव जसरोटिया, विधायक जसरोटा
कठुआ और जम्मू-कश्मीर के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष मंत्रालय के माध्यम से होम्योपैथिक कॉलेज में पहला बैच शुरू करने की मंजूरी दे दी है। यह कॉलेज क्षेत्र के लिए चिकित्सा शिक्षा का नया मार्ग खोलेगा। यह समग्र स्वास्थ्य सेवा के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।