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J&K News: डेंगू ने पकड़ी रफ्तार, जम्मू जिला में 80 से 90 नए मामले सामने आए, बड़ों के साथ बच्चे भी प्रभावित

Sat, 26 Oct 2024 04:00 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

जम्मू में डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, रोजाना 150 नए मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें बच्चों सहित कई लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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डेंगू पीक पर जाने की तैयारी कर रहा है। मच्छरों के बढ़ते हमलों से पिछले एक हफ्ते में अब रोजाना 150 से अधिक मामले रिपोर्ट होने लगे हैं। जिसमें जम्मू जिला में ही 80 से 90 मामले आ रहे हैं। जिले के नगर निगम क्षेत्र से कुल मामलों में 90 प्रतिशत मामले मिल रहे हैं, यानी ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहरी इलाकों में मच्छरों ने अधिक हमला किया है।

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वर्ष 2023 में अब तक सीजनल 4453 मामले आ चुके थे, जो इस साल अब तक 4315 मामले मिल चुके हैं।डेंगू के डंक ने बड़ों के साथ बच्चे भी पीड़ित हो रहे हैं। गत वीरवार को प्रदेश में मिले 158 डेंगू के मामलों में से 24 बच्चे पीड़ित हुए। इसमें जम्मू जिले में ही 86 मामले मिले, जबकि सांबा में 24, कठुआ में 7, उधमपुर में 15, रियासी में 13, राजोरी में 4, डोडा में 6, रामबन में 1, किश्तवाड़ में 2 डेंगू के मामले मिले हैं। अब तक भठिंडी की एक महिला की डेंगू से मौत हो चुकी है।

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जिले में मुट्ठी में सबसे अधिक विस्फोट
जम्मू जिले में सबसे अधिक मामले मुट्ठी में मिले हैं। यहां अब तक 283 मामले मिल चुके हैं। इसी तरह हाटस्पाट की सूची में रूप नगर में 140, जानीपुर में 144, विनायक नगर और गांधीनगर में 110-110, भठिंडी में 111, दुर्गा नगर में 106, पलोड़ा में 98, सतवारी में 87, छन्नी हिम्मत में 82, जम्मू में 71, त्रिकुटा नगर में 66 सहित अन्य स्थानों पर दर्जनों मामले मिल चुके हैं। इन हाटस्पाट क्षेत्रों में रोजाना 3 से 9 तक नए मामले मिल रहे हैं।

यह माने जा रहे हैं कारणजिन इलाकों में डेंगू के अधिक मामले मिल रहे हैं, वहां सर्वे में कई कारण मिले हैं। खासतौर पर कोटभलवाल क्षेत्र में कई इलाकों में खाली प्लाटों में बनाई गई खुली टंकियां मच्छरों के पनपने के लिए फैक्ट्री का काम कर रही हैं। इसके साथ अनियोजित ढंग से हो रहे निर्माण भी मच्छरों के पनपने का कारण बन रहे हैं।

कई जगहों पर छतों पर पानी की टंकियां खुली मिल रही हैं, जिनमें निरंतर मच्छर पैदा हो रहा है और वह संबंधित क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। इन क्षेत्रों में कई जगहों पर रिंग रोड और अन्य सड़कों के निर्माण चल रहे हैं और वहां भी पानी जमा होने के लिए कई स्रोत बने हुए हैं, जो मच्छरों को पैदा होने के लिए मदद कर रहे हैं।
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