लीडस 2024 रिपोर्ट में चार महत्वपूर्ण स्तंभों-लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सर्विसेज, ऑपरेटिंग और रेगुलेटरी एनवायरनमेंट और सस्टेनेबल लॉजिस्टिक्स के आधार पर राज्यों का आकलन किया गया है। जम्मू कश्मीर तेज़ मूवर्स श्रेणी में अपने लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन में आशाजनक प्रगति दिखा रहा है।रिपोर्ट विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, सेवाओं, नियामक ढांचे और लॉजिस्टिक्स में स्थिरता पर राज्यों का मूल्यांकन करती है।
लीड्स इंडेक्स को 2018 में विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स परफॉरमेंस इंडेक्स के विकल्प के रूप में पेश किया गया था, जिसमें प्रत्येक राज्य में लॉजिस्टिक्स सेवाओं का अधिक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए धारणा-आधारित सर्वेक्षण और वस्तुनिष्ठ डेटा दोनों को शामिल किया गया था। यह रिपोर्ट राज्य सरकारों के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करती है, जिससे वे व्यापार और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए सूचित निर्णय लेने में सक्षम होते हैं।
3 साल से सुधार के लिए किया जा रहा था काम
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग जम्मू के निदेशक अरुण मन्हास का कहना है कि हम पिछले 3 साल से लीड्स में सुधार के लिए काम कर रहे थे। इससे पहले हम 2021 से 2023 तक तीसरी एस्पायर्स श्रेणी में थे। हमें उम्मीद है कि 2025 की रैंकिंग में हम और सुधार करके अचीवर्स की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे। जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ सालों से रेल और सड़क संपर्क का तेजी से विस्तार हुआ है।
इससे औद्योगिक सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र की पहुंच बढ़ी है। इस साल इन दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विस्तार होने वाला है। हमने यूनिफाइड लॉजिस्टिक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम (यूएलआईप) से एमओयू किया है जिसका उद्देश्य क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इसमें देशभर का डाटा रहता है जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। जम्मू कश्मीर में सड़क और रेल संपर्क बढ़ाने से आयात और निर्यात के क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।